दल्ली राजहराशनिवार 20 जून 2026भोजराम साहू 9893 765541 दल्ली राजहरा में योग की शिक्षा योग गुरु आदरणीय मूलचंद शेट्टी की जिसकी उम्र आज 84 वर्ष की है l आज भी निरोगी और बेहद आकर्षक व्यक्तित्व के धनी हैं l उन्होंने बतलाया कि 1984 से वे योग की शिक्षा दल्ली राजहरा में निशुल्क दे रहे हैं l उनका मानना है कि बीमारियों से लड़ने से ज्यादा अच्छा है उनका बचाव l योग से कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है l यदि आप नियमित योग करें तो बीमारियां आप तक पहुंच नहीं सकती वह आपसे कोसों दूर रहेंगे l सुबह 5 बजे जब पूरा शहर नींद में होता है, तब राकेश स्कूटर पार्ट के ऊपर वाले भवन में एक आवाज गूंजती है – शुरू करो। और ये आवाज है दल्ली राजहरा के प्रथम योग गुरु, आदरणीय मूलचंद सेठी जी की। 84 साल की उम्र, फिर भी व्यक्तित्व ऐसा कि देखकर कोई कह ही नहीं सकता। 44 साल से बिना रुके, बिना फीस लिए वो शहर को निरोग बना रहे हैं।1984 से शुरू हुआ संकल्पमूलचंद सेठी जी बताते हैं, 1984 से मैंने ठान लिया था कि बीमारियों से लड़ने से अच्छा है, उन्हें आने ही न दिया जाए। तब से वो जलाराम बापा मंदिर, जैन भवन के सामने, मिड टाउन और शहर के अलग-अलग हिस्सों में शिविर लगाकर निशुल्क योग सिखाते आ रहे हैं। उनका मानना है कि नियमित योग करने वाले के पास बीमारियां कोसों दूर रहती हैं।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/06/VID-20260620-WA0078.mp4कर्म कल्याण’ से सम्मानितयोग की शिक्षा का उनका सफर केवल सेवा तक सीमित नहीं रहा। सन 1989 में देश की सबसे बड़ी योग संस्था, बिहार स्कूल ऑफ योगा ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ योग शिक्षक के रूप में कर्म कल्याण पुरस्कार से नवाजा। जैन समाज से संबंध रखने वाले सेठी जी संयमित जीवन और उच्च विचार पर विश्वास रखते हैं। उनके लिए योग सिर्फ आसन नहीं, अनुशासन से जीने की कला है।तनाव के दौर में संजीवनी आज का समय तनाव का है। किसी को आर्थिक चिंता है, तो कोई शारीरिक समस्या से जूझ रहा है। कई लोग आपसी सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे। सेठी जी कहते हैं, रोज 1 घंटा योग कर लीजिए। मानसिक शांति मिलेगी, शारीरिक ताकत आएगी और आप बीमारियों के साथ-साथ आर्थिक नुकसान से भी बचेंगे। उनके पास ऐसे कई लोग आए, जो हताश थे। सेठी जी द्वारा बताए गए आसनों को रोज करने के बाद वो धीरे-धीरे समस्याओं से मुक्त होकर बेहतर जीवन जी रहे हैं।योग के सबसे बड़े प्रचारक – पीएम मोदीयोग के महत्व को समझाते हुए वो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का उदाहरण देते हैं। देखिए, घंटों देश-विदेश में काम करने के बाद भी वो तनाव मुक्त और ऊर्जावान हैं। उन्हीं की वजह से आज भारत का योग विश्व के जन-जन तक पहुंचा है। तभी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। मेडिकल साइंस भी मानता है कि मानव जीवन के लिए योग साधना से बड़ा कोई मित्र नहीं।आज भी वही लगन उम्र 84, पर लगन 18 साल के नौजवान जैसी। आज भी प्रतिदिन सुबह 5:00 से 6:30 बजे तक वो राकेश स्कूटर पार्ट के ऊपर भवन में सभी को निशुल्क योग सिखाते हैं। उनका एक ही उद्देश्य है – योग की शिक्षा जन-जन तक पहुंचे ।बाबा रामदेव से भी 11 साल पहले से सिखा रहे हैं योग मूलचंद सेठी जी 1984 से लगातार 44 साल से दल्ली राजहरा में योग सिखा रहे हैं। वही योग गुरु माने जाने वाले बाबा रामदेव 1995 के आसपास हरियाणा के गांव से योग की शुरुआत की और 2002-2003 के बाद टीवी के माध्यम एवं विदेश में जाकर योग सीखने सिखाएं । लिखने का मतलब यह है की रामदेव बाबा से भी पहले से शेट्टी जी नगर में योग सीखा रहे हैं । मकसद दोनों का एक था – बीमारी से पहले बचाव। संडे मेगा स्टोरी में आज बस इतना ही आपके आसपास भी अगर कोई ऐसी प्रेरक कहानी है, जो समाज को दिशा देती हो, तो हमें जरूर बताएं।भोज राम साहूसंपादक, हमारा दल्ली राजहरा – एक निष्पक्ष समाचार चैनल संपर्क: 9893765541 28 जून 2026 की संडे मेगा स्टोरी में एक ऐसा औद्योगिक शहर की कहानी जो मुट्ठी में भरी रेत की तरह धीरे-धीरे फिसल रहा है एक समय डेढ़ लाख की जनसंख्या वाला शहर आज 50 हजार में से भी दिनों दिन कम होता जा रहा है। इसी शहर की कहानी हमारा दल्ली राजहरा की कहानी आप अवश्य पढ़िए और यदि आपके पास जानकारी हो तो अवश्य मेरे नंबर पर भेजें पुरानी यादगार फोटो आपके नाम के साथ 28 जून की संडे मेगा स्टोरी में लिखा जाएगा ।Spread the lovePost navigation16 जुलाई को दल्ली राजहरा में निकलेगी भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा, सर्व समाज की बैठक में बने फैसले । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल रंग लाई: जामड़ी पाट में आदिवासियों ने किया पारंपरिक अनुष्ठान..!