दल्ली राजहरा
रविवार 05 जुलाई 2026
भोजराम साहू 9893 765541

 

छत्तीसगढ़ की लोक कला जगत से रविवार सुबह दुखद खबर आई। प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई ने रायपुर एम्स में सुबह 3:15 बजे अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार थीं। तीजन बाई ने अपनी दमदार आवाज और अभिनय से महाभारत की कथाओं को जीवंत किया। उन्होंने पंडवानी को गांव की चौपाल से उठाकर भारत के साथ-साथ एशिया, यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचाया। उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष सम्मान मिला।

भारत सरकार ने उनकी कला के लिए 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया। इसके अलावा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, नृत्य शिरोमणि, कला शिरोमणि समेत कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान और विभिन्न विश्वविद्यालयों से मानद डी.लिट की उपाधि भी उन्हें मिली। तीजन बाई का जाना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

तीजन बाई के निधन पर दल्ली राजहरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। कार्यक्रम में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने कहा कि तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनिया भर में पहचान दिलाई। उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए बड़ी क्षति है।

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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