दल्ली राजहरासोमवार 06 जुलाई 2026भोजराम साहू 9893 765541पद्म विभूषण डॉ. तीजनबाई को श्रद्धांजलि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमर पहचान और पंडवानी की अप्रतिम साधिका पद्म विभूषण डॉ. तीजनबाई के निधन पर लौह अयस्क समूह दल्ली-राजहरा द्वारा प्रशासनिक भवन के सभागार में शोकसभा आयोजित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोकसभा का शुभारंभ राजहरा यंत्रीकृत खदान के महाप्रबंधक जयप्रकाश ने डॉ. तीजनबाई के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।कार्यक्रम में अतिरिक्त श्रम कल्याण अधिकारी घनश्याम पारकर ने कहा कि डॉ. तीजनबाई ने अपनी बुलंद आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से पंडवानी को विश्वभर में पहचान दिलाई। सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और छत्तीसगढ़ की लोककला को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। उनकी कला और विरासत सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। महाप्रबंधक जयप्रकाश ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. तीजनबाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का उदाहरण है। पंडवानी के प्रति उनके योगदान को देखते हुए उन्हें भिलाई इस्पात संयंत्र में सेवा का अवसर भी मिला। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया। उनका निधन भारतीय लोकसंस्कृति और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है।शोकसभा में महाप्रबंधक मयाराम ठाकुर, अरुण कुमार, कुमार शिवेश, प्रबंधक सोमित दत्ता, मानव संसाधन विभाग प्रमुख शैलेष पटनायक, सहायक प्रबंधक शेख शिरीन, आनंद बोरकर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। शोकसभा के आयोजन में हरक साहू का विशेष सहयोग रहा। Spread the lovePost navigationसंडे मेगा स्टोरी में रविवार 5 जुलाई 2026 के अंक में हमारा दल्ली राजहरा निष्पक्ष समाचार चैनल की 46 वीं कहानी में पढ़िए “एएसपी संतोष पटेल की कहानी”! डीएवी स्कूल के पास गड्ढे से हादसे का खतरा, नगर पालिका अध्यक्ष ने अधिकारियों से की समतलीकरण की मांग ।