दल्ली राजहरा मंगलवार 21 जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी के नेतृत्व में दिया गया ज्ञापन, प्रशासन हरकत में आया

 

 ग्राम पंचायत चिहरों के आश्रित ग्राम दिघवाड़ी में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में पेयजल की गंभीर समस्या अंततः हल हो गई। विभागीय लापरवाही के खिलाफ ग्रामवासियों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में स्कूल परिसर में नया बोर खनन कर हैंडपंप स्थापित कर दिया।
 लाल पानी आने से उखाड़ा गया था बोर
गांव के ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल प्रांगण में लगे पुराने बोर से काफी समय से लाल पानी आ रहा था। पीने योग्य न होने के कारण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने उस बोर को उखाड़ कर ले गया था। इसके बाद स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

ग्रामवासियों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से अनुनय-विनय की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गर्मी के मौसम में बच्चों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा था।

 

ग्रामसभा में लिया गया आंदोलन का निर्णय
समस्या बढ़ने पर जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी के नेतृत्व में ग्रामवासियों ने ग्रामसभा की बैठक आयोजित की। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अब सरकार से बार-बार निवेदन करने का समय समाप्त हो गया है। अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसी कड़ी में ग्रामीणों ने सहायक अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग डौंडी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल पेयजल व्यवस्था करने की मांग की।

ज्ञापन के बाद हरकत में आया प्रशासन
ज्ञापन मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। विभाग ने चक्का जाम और आंदोलन की आशंका को देखते हुए रातों-रात स्कूल परिसर में नया बोर खन कर हैंडपंप स्थापित कर दिया। अब स्कूल में बच्चों को सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की।

 ग्रामवासियों ने जताया आभार
ग्रामवासियों ने इस सफलता का श्रेय ऊर्जावान युवा जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी एवं क्षेत्र के तमाम सामाजिक संगठनों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से ही बच्चों के लिए पेयजल की व्यवस्था संभव हो पाई। 
साथ ही ग्रामवासियों ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास भी इस आंदोलन की सफलता में महत्वपूर्ण रहा। समस्या का समाधान होने के बाद ग्रामवासियों ने अपने आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की।
सरकारी तंत्र और सिस्टम से हमारे एक ही सवाल है…❓ 
👉क्या आम जनता सिर्फ चक्का जाम और धरना प्रदर्शन करेगी तभी सरकार उनकी मांग मानेगी ..❓
👉क्या सरकारी तंत्र को जगाने के लिए आम जनता को सड़क पर ही उतरना पड़ेगा ..❓
👉 आम जनता सरकारी तंत्र के सामने हाथ जोड़ने के बजाय डंडा झंडा लेकर नहीं उतरेगी तब तक क्या उनकी मांग पूरी नहीं होगी…❓ 
👉जनता के सेवक कहे जाने वाले कुर्सी पर बैठे अधिकारियों की क्या यही पहचान है …❓

 

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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