दल्ली राजहरा रविवार 09 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541संडे मेगा स्टोरी की अर्धशतक कहानी यानी की 50वीं कहानी में आज आप पढ़िए । एक ऐसे मिशन की कहानी जो धरती मां की सेवा के लिए बनी है । “सांस हो रही है कम_ आओ पेड़ लगाए हम”, मिशन 100 करोड़ वृक्ष । कहने में तो बहुत ही आसान है लेकिन आप समझिए एक पेड़ लगाकर उसे बड़ा होते देखना उसे संभालना पानी खाद आदि डालना,खासकर पशुओं से बचना कोई आसान काम नहीं है । लेकिन एक ऐसे मिशन को लेकर चलना जिसमें 100 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य ले कर चलना उसकी देखभाल करना बहुत बड़ी बात है ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260809-WA0044.mp4 आज हम एक ऐसे ही मिशन की कहानी आपको बता रहे हैं देश की राजधानी दिल्ली के मिशन 100 करोड़ वृक्ष के फाउंडर राजीव कुमार जी और गौरव यादव की कहानी एक प्रेरणादायक कहानी है जिन्होंने एक ऐसे मिशन की शुरुआत की जो भारत मां की आंचल को हरियाली से भर देना चाहता है ।मिशन 100 करोड़ पेड़ लगाने का एक जागरूकता अभियान के तहत राजीव जी ने वृक्षारोपण की शुरुआत की थी । उन्होंने बताया कि हमारा मिशन था की मान लिया जाए हमारे देश की जनसंख्या एक करोड़ 45 लाख की है उसमें से 45 लाख बच्चे और बुजुर्ग को छोड़ दें तो लगभग 100 करोड लोग हर साल एक पेड़ लगाते हैं और उसकी देखभाल करते हैं। तो हमारे देश में हर साल 100 करोड़ पेड़ों की वृद्धि होगी। यही हमारी मिशन की शुरुआत थी और इसमें हमारी पूरी टीम लगे हुए हैं जिम हमारे साथी हैं गौरव कुमार जी , अमित भटनागर जी , गगनदीप जी , आशीष शर्मा जी , अवधूत यादव जी,शैलेश कुमार जी ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260809-WA0043.mp4 जब मिशन 100 करोड़ के सहयोगी गौरव यादव से बात की तब उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान का जनसंख्या जब 100 करोड़ की थी तब हमने मिशन की शुरुआत की थी । हमारी टीम ने सोचा कि हिंदुस्तान की हर व्यक्ति के नाम पर एक पेड़ लगाना चाहिए । देश के हर व्यक्ति हमारे इस मिशन का सदस्य है अगर हर व्यक्ति हर स्टेट हर गांव हर शहर हर बस्ती और हर खेत में एक पेड़ लगाए और उसकी देखभाल पूरे साल करें तो धरती मां हरियाली से भर जाएगी । शुरू में हम तीन भाई थे गौरव यादव दिल्ली सुल्तानपुर के रहने वाले राजेश कुमार वैशाली जिला बिहार ने शुरुआत की एक पेड़ कभी दो पेड़ लगाए कभी किसी ने उखाड़ दिए या पशु खा गए लेकिन हमने अपनी मिशन में हताशा नहीं आने दी । आगे बढ़ते गए 2016-17 में हमने मिशन की शुरुआत की थी इसके लिए अपनी जेब से खर्च किए । 2018 में दिल्ली के त्रिलोकपुरी के पास डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पार्क है उसे गोद लेकर हम लोगों ने 100 पेड़ लगाए । धीरे-धीरे लोग हमारे इस मिशन से जुड़ते गए किसी ने जन्मदिन की किसी ने शादी की सालगिरह तो किसी ने और कई उपलक्ष में पेड़ लगाने में हमारे मिशन में सहयोग किया। हम लोगों से मिलते उनसे कहते कि आप अपने समारोह में 10 हजार-20 हजार रुपए खर्च करते हैं । इसके लिए आप पार्टी में जाते हैं ढाबे में जाते हैं तो इस बार पार्टी ना कर हमारे साथ पेड़ लगाइए कई लोगों को हमारी बातों का असर हुआ । वह हमारे मिशन में जुड़े गए । हम लोग स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में पार्क में वृक्षारोपण की आज उस पार्क में 20-25 फीट ऊंचे बरगद पीपल नीम जैसे अनेक पेड़ है जब भी हम वहां जाते हैं उस पेड़ को देखते हैं तो हमारे खुशी से आंखों में आंसू निकल जाते हैं । अपने मिशन में हम आगे बढ़ते गए आज पूरे भारत में हमारा 10, 12 स्टेट जिसमें छत्तीसगढ़ यूपी बिहार राजस्थान जैसे प्रदेश में हमारे टीम है । जो हमारे द्वारा फेसबुक इंस्टाग्राम यूट्यूब देख कर हमारे अभियान से जुड़े । हमारे अभियान में एक बच्ची दिया दीक्षित ब्रांड अंबेडकर थी जिन्हें 2009 में वृक्षारोपण के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बालशक्ति पुरस्कार मिला था उनके जन्मदिन पर हमारी टीम की ओर से उनके पिताजी के सहयोग से बहुत सारे पेड़ लगाए थे । राजस्थान के हनुमानगढ़ में बहुत अच्छा परिणाम हमें मिला जहां 15000 से 20000 पेड़ लगा चुके हैं अभी तक 15 लाख पेड़ हमारे टीम के द्वारा लगाया जा चुका है । जिसमें करीब 13/14 लाख से अधिक पेड़ सही सलामत हैं हम लोग रिपोर्ट लेते हैं वहां जाते हैं सी यस आर फंड के तहत कंपनियों से पैसा भी हमें सहयोग स्वरूप मिलता है और हम लोग 3 साल का एग्रीमेंट करते हैं हम उनके पेड़ों की उन्हें डिटेल देते हैं । इस तरह इस कैंपेन के जरिए हमें कुछ लोग और मिले जैसे हमारे अमित भटनागर गुड फाउंडेशन से से जुड़े क्योंकि हमें पता नहीं था CSR के जरिए क्या होता है ..? उन्होंने हमें मदद किया CSR के जरिए हमें फंड मिलने लगा और इस अभियान में हमें सहायता मिला । जिस कंपनी से हमें सीएसआर से फंड लेते हैं उस कंपनी को 3 साल तक उसका रिपोर्ट भी देते हैं ।फोटो वीडियो कंपनी को भेजते हैं ।6 माह या 1 साल में उस कंपनी की टीम को बुलाते हैं । आप आकर देखिए जो पेड़ हमने लगाए थे वह किस स्थिति में है । हम पौधा वहीं पर लगाते हैं जहां कोई देखभाल करने वाला हो । अभी हमने मथुरा के गोवर्धन पर्वत जिसे गिरिराज पर्वत कहा जाता है । वहां पर आश्रम में 200 पेड़ लगाए हैं । पिछले शनिवार को लगे थे अगले शनिवार को फिर 100 पेड़ लगाएंगे । वहां महाराज जी हैं 40 _50 लोग हैं वह उनके देखभाल करेंगे ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260809-WA0021.mp4उज्जैन के महाकाल से 15 किलोमीटर दूर 11000 पेड़ लगाए थे । अयोध्या में राम जी के मंदिर का उद्घाटन के समय 11000 पेड़ किसानों के साथ मिलकर लगाए हैं ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260809-WA0020.mp4 एक छोटी सी कहानी है इस वृक्षारोपण के संबंध में हनुमानगढ़ की किसानों का हमने झगड़ा निपटाया था । क्या हुआ कि राजस्थान के हनुमानगढ़ में हमारे साथ काम कर रहे साथी बिजनेसमैन ने पुष्कर राय के गांव में खेतों को लेकर बहुत झगड़ा होते थे जैसे दो भाइयों के बीच झगड़ते हैं वहां पर हमारे टीम के प्रमुख सदस्य हैं राजीव जी उन्होंने कहा कि एक काम करिए किसानों के खेत की मेड़ है उसमें 100 पौधे लगा दीजिए जिससे 20% पेड़ ऐसे होंगे जिसे आगे आने वाले 50 सालों में नहीं काटा जाएगा 80% पौधे वह होंगे जिसे 10_ 15 साल में आप काट कर अपने इमारती लकड़ी के रूप में उपयोग कर सकते हैं । https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260809-WA0022.mp4 आप उस वैरायटी का पेड़ लगाए जिससे किसानों को यह ना लगे कि हमारे मेड का दुरुपयोग हो रहा हो । सरपंच (प्रधान) ने कुछ सालों बाद आकर हमें बोला आपने तो हमारे गांव के आधे से ज्यादा झगड़ा निपटा दिए और उन्होंने हमारी योजना पूरे ग्राम पंचायत में लागू करवा दिया । अब किसान पूरे ग्राम पंचायत में अपने मेड़ की की रखवाली करते हैं उसकी देखभाल करते हैं । दिल्ली के लोधी रोड में केंद्रीय विद्यालय हैं वहां पर हमने 200 से ढाई सौ पेड़ लगाए थे वहां के प्रिंसिपल मैडम है उनसे बात हो रही थी कि उन्होंने कहा कि एक बात बताइए मुझे इन पेड़ों से बच्चों को कैसे जोड़ा जाए । ऐसा कलचर हमारे यहां नहीं है । इनके बारे में आप पढ़ोगे तो कॉलेज में जाकर पढ़ोगे । मैंने उन्हें बताया कि एक काम करिए मान लीजिए मैं क्लास छठवीं का विद्यार्थी हूं और मैंने कोई गलती की । तो आप मुझे या तो मुर्गा बनाते हैं या हाथ खड़ा करके खड़े होने के लिए बोल देते हैं ।तो आप ऐसा ना कर आप मुझे ग्राउंड में लगे 5 /10 पेड़ों मुझे पानी डालने के लिए सजा दीजिए ।पानी डालने के बाद मुझे बोलिए कि जिन 5-10 पेड़ों में मैं पानी डाला है उनका आयुर्वेदिक में क्या फायदे हैं । उनका बोटैनिक नाम क्या है उनका गुणधर्म के बारे में पता करने बोलिए । भले आप इसके लिए मुझे 5 या 10 दिनों का समय दीजिए । जिससे प्रकृति से बच्चे जुड़ेंगे जैसे नीम बबूल जैसे पेड़ों के क्या फायदे हैं । उनके पत्ते क्या काम में आता है जामुन की गुठली का क्या उपयोग होता है उसका दवाई के रूप में उपयोग कैसे करते हैं । पत्थरचट्टा के क्या फायदे हैं इस बारे में बोटैनिक नाम पता होंगे हो सकता है स्कूल के बाद आप दैनिक जीवन में पेड़ों के गुण आपके फायदे देंगे और किसी का इंटरेस्ट बन गया तो हो सकता है बच्चे आगे क्या बन जाए । उन्होंने यह स्कूल में उपयोग किया इससे बच्चों को पनिशमेंट भी हो हो गया और बच्चे चाहे अनचाहे रूप से प्रकृति से पेड़ पौधे से भी जुड़ गए ।हमें लोगों से सहयोग मिला सरकार की ओर से आज तक हमें सहयोग नहीं मिला आप सी सहयोग या नौकरीपेसा लोग अपनी इच्छा से हमारे साथ जुड़ गए आपके पास पैसा नहीं है कोई बात नहीं । दो तरीका है मदद करने की आप पेड़ लगाने में हमारे लिए गड्ढा बना सकते हैं या पेड़ों को बड़ा होने तक पानी या रक्षा करने में मदद कर सकते हैं । एक मजदूर की 1 दिन की रोजी मान लीजिए ₹300 है । मान लो आप 20 गड्ढा खोदते हैं हो सकता है या 10 भी खोदे । आपका नर्सरी में पहचान है जो आप पौधा हमें ₹40 मिलता है आपके माध्यम से हमें ₹20 में मिल जाएगा ।आप जैसे मदद कर सकते हैं या करना चाहे वह हमारे इस अभियान में कर सकता है । उसका हम स्वागत करते हैं । https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260806-WA0032.mp4हम आपको अपना बैनर का फॉर्मेट दे देते हैं हमसे आपकी बात होती है नहीं होती आप हमें जानते भी हैं या नहीं जानते । लेकिन जाने अनजाने रूप में आप हमारे इस अभियान से जुड़ सकते हैं । दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फाइनेंस जिसमें देश के प्रथम श्रेणी के ऑफिसर रहते हैं वहां हमने वृक्षारोपण किया था । लगभग डेढ़ एकड़ ग्राउंड था वहां पर पौधे लगाए जो आज 15 से 20 फुट के हो चुके हैं । हम लोगों ने वृक्षारोपण के लिए शील्ड बॉल का भी उपयोग करते हैं । https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260806-WA0033.mp4 उन्होंने एक कहानी बताई एक बार क्या हुआ एक व्यक्ति ने अपने सोसाइटी में 200 से 300 किलो आम सभी को गिफ्ट में बांट दिए सभी से कहा कि मैं आम नहीं खाता हूं आप खाकर गुठली मेरे को वापस कर देना । गुठली को वापस लाकर हम लोगों ने उसे जमीन पर सुखाया और वृक्षारोपण के रूप में उसका उपयोग किया । हमारे मिशन में 200 से 300 लोग जुड़े हैं जिसमें हमने बात किया या नहीं हमें जो जानता है या नहीं जानता हो किसी भी तरह हमारा संदेश उन तक पहुंचता है और हमसे प्रेरित होकर एक पौधा भी लगाया तो हम मानते हैं कि वह हमारे अभियान में जुड़ गए । कहीं ना कहीं हमारा मिशन कामयाब हो रहा है हर आदमी हमारे साथ है फाउंडर राजीव कुमार जी है । मैने जामिया यूनिवर्सिटी में आपदा प्रबंधन का कोर्स किया है । वर्तमान में हमारी टीम ग्रेट नोएडा के खैरपुर में 11000 पेड़ों का वन बनाया है ग्रेट नोएडा अथॉरिटी से ग्रीन बेल्ट सीट का डेवलपमेंट करने के लिए लीज पर लिए हैं उसमें पेड़ लगवा रहे हैं बहुत कुछ कवर हो गया है । जब मैं राजीव जी से मिला तो मुझे ऐसा लगा कि दुनिया में ऐसे भी लोग हैं जो विशेष रूप से देश और दुनिया की सेवा करने में लगे हैं ।जिनमें मैं 8 /9 साल से जानता हूं उनके बारे में आपको क्या बताऊं यदि मान लीजिए हम लोग वृक्षारोपण कर रहे हैं और भोजन के समय में भोजन करने बैठे हैं मान लीजिए 5 पौधे बचे हुए हैं तो राजीव जी ऐसे हैं जब तक को पेड़ नहीं लगा लेंगे भोजन नहीं करते । यदि आप भी राजीव जी और गौरव जी के अभ्यास से जुड़ना चाहते हैं तो आप उनके मोबाइल नंबर में संपर्क कर सकते हैं। 👉 राजीव कुमार जी 9911909174👉 गौरव कुमार जी 9700500122 आप किसी भी जाति धर्म संस्कृति के हो लेकिन इस भूमि में जन्म लिया है तो ऋण चुकाने की जिम्मेदारी आपकी भी है । इसके लिए एक ही तरीका है आप वृक्षारोपण में सहयोग करें प्रकृति और पर्यावरण को बचाएं ।संडे मेगा स्टोरी में आज बस इतना ही आपके पास भी ऐसी कोई कहानी हो तो हमें अवश्य बताएं।धन्यवाद भोजराम साहू संपादक हमारा दल्ली राजहरा निष्पक्ष समाचार चैनल 98937 65541Spread the lovePost navigationविधायक अनिला भेंडिया ने डौंडी में किया कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन, भाजपा सरकार पर बोला हमला खदान मजदूर संघ ने मुख्य महाप्रबंधक को दी भावभीनी विदाई, पैलेट प्लांट और सड़कों के लिए किया अभिनंदन ।