दल्ली राजहरा शनिवार 05 सितंबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

माँ सरस्वती और डॉ. राधाकृष्णन की पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ, सहयोगीयो का सम्मान बना आकर्षण का केंद्र

 शहीद चौक स्थित गांधी विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक दिवस का पर्व महापर्व के रूप में बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल में मनाया गया। 05 सितंबर, शनिवार को माँ सरस्वती, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

समारोह में मुख्य अतिथि मनोज दुबे उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद  दल्ली राजहरा शिष्ट अतिथि के रूप में शैबाल जाना, मुख्य चिकित्साधिकारी एवं प्रभारी शहीद अस्पताल, अभय सिंह, अध्यक्ष MMWU इंटक छत्तीसगढ़, प्राची सिन्हा, पार्षद वार्ड 14, रवि जायसवाल, पूर्व उपाध्यक्ष नपा, चंद्र प्रकाश सिन्हा, गिरवर सिंह ठाकुर, इंद्र कुमार साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला संचालन समिति अध्यक्ष युवराज साहू और प्राचार्या मंजू गुप्ता ने की। संचालन एल. के. धलेंद्र ने किया।

संबोधन की कड़ी में वक्ताओं ने रखे विचार –
1. राखी देवांगन का स्वागत उद्बोधन –
पालक शिक्षक समिति अध्यक्षा राखी देवांगन ने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि आज के दिन सभी अतिथियों का इस पावन परिसर में स्वागत है। उन्होंने शाला के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि गुरु के बिना जीवन अधूरा है।

2. युवराज साहू ने बताया शिक्षक दिवस का महत्व –
शाला संचालन समिति अध्यक्ष युवराज साहू ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज ही के दिन शिक्षक दिवस मनाने का कारण डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है। उन्होंने उनकी जीवनी से सभी को अवगत कराया। युवराज साहू ने कहा कि शिक्षक ही ऐसे निर्माणकर्ता हैं जो छात्रों के माध्यम से देश-दुनिया के सफल नागरिकों का निर्माण करते हैं। शिक्षकों का समाज और राष्ट्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। वे न केवल ज्ञान का प्रसार करते हैं बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने शाला की सभी उपलब्धियों का श्रेय शिक्षकों को देते हुए उनके अतुलनीय योगदान के लिए आभार प्रकट किया।

3. रवि जायसवाल ने दिया शिक्षा का संदेश –
विशेष अतिथि रवि जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के बिना जीवन में अंधेरा है। उन्होंने शाला के शिक्षकों और देश-दुनिया के सभी शिक्षकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज शिक्षा ग्रहण करने की नवीनतम पद्धतियां आ चुकी हैं, जिससे शिक्षा और भी सरल और उपयोगी हो गई है। छात्रों को पूर्ण निष्ठा और लगन से पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

4. शैबाल जाना ने खेल पद्धति पर दिया जोर –
विशिष्ट अतिथि शैबाल जाना ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में डॉ. राधाकृष्णन को नमन करते हुए कहा कि शिक्षा में रुचि लाने के लिए खेल पद्धति को शामिल करना जरूरी है। इससे शिक्षा को मजेदार बनाया जा सकेगा और बौद्धिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास भी होगा।
शैबाल जाना ने कहा कि हमारे पहले शिक्षक हमारे माता-पिता हैं जो पल-पल हमें शिक्षा का पाठ पढ़ाते रहते हैं और हमारी शिक्षा के लिए अपना सब कुछ अर्पण कर देते हैं, जिनका हम कभी धन्यवाद भी ठीक से नहीं कर पाते। इसलिए आज का दिन उनके लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने पालकों से आग्रह किया कि वे घर पर बच्चों को समय दें और पढ़ाई में सहभागिता निभाएं।

सम्मान समारोह बना यादगार

 

उद्बोधन के पश्चात शाला संचालन समिति और पालक शिक्षक समिति द्वारा मुख्य अतिथि मनोज दुबे  विशेष  अतिथि अभय सिंह, रवि जायसवाल, शैबाल जाना, इंद्र कुमार साहू, व्यवस्थापक लैलन साहू और अध्यक्ष युवराज साहू के कर कमलों द्वारा शाला के समस्त शिक्षकों – प्रदीप बंसोड़े, शीतल साहू, खोमलाल बघेल, एल.के. धलेंद्र, शालिनी, रुखसार खान, अनिशा भास्कर, अमिषा देवदास, प्रभा मानिकपुरी, दिलेश्वरी साहू, युवराज साहू, कुलेश्वरी साहू, प्रीति साहू, पूजा साहू, रश्मि भारद्वाज को सम्मान भेंट प्रदान की गई।

कार्यक्रम में शाला के वाहन चालक मन्नू लाल और सहयोगी पुष्पा बाई, मोहिनी बाई, हेमलता बाई को भी सम्मानित किया गया, जिसकी सभी ने सराहना की।अंत में छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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