दल्ली राजहरा शनिवार 05 सितंबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 गुरु-शिष्य परंपरा को किया नमन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मनशिक्षक दिवस के पावन अवसर पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, दल्ली-राजहरा में विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। बच्चों ने अपने गुरुजनों के सम्मान में मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने शिक्षकों को तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत कड़ी – अजय छाजेड़ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रतिनिधि अजय छाजेड़ ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के साथ-साथ उन्हें अच्छे संस्कार और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सदैव अपने गुरुजनों का सम्मान करें और उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने माता-पिता और विद्यालय का नाम रोशन करें।शिक्षा में अनुशासन और संस्कार जरूरी – महेश गोरे प्रभारी प्राचार्य महेश कुमार गोरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक दिवस महान शिक्षाविद् एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन, कठिन परिश्रम और अच्छे संस्कार को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। एक अच्छा विद्यार्थी ही आगे चलकर एक अच्छा नागरिक बनता है।शिक्षक माता-पिता के समान – टी. ज्योति वार्ड पार्षद टी. ज्योति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों के जीवन में माता-पिता के समान महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। शिक्षक ही बच्चों की छुपी हुई प्रतिभा को पहचान कर उसे निखारते हैं और सफलता की राह दिखाते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और समाज व बच्चों के भविष्य निर्माण में उनके द्वारा किए जा रहे अतुलनीय योगदान की सराहना की।सांस्कृतिक रंगों से सजा मंच इस अवसर पर विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त करते हुए एक से बढ़कर एक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, समूह नृत्य, कविता पाठ और गुरु वंदना ने पूरे सभागार को तालियों से गूंजा दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को और भी गहरा कर दिया।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260905-WA0060.mp4 इनकी रही उपस्थित कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि अजय छाजेड़, प्रभारी प्राचार्य महेश कुमार गोरे, शाला प्रबंधन समिति सदस्य राजेश मेश्राम, शाला विकास समिति अध्यक्ष रुकमणि कुशवाहा, वार्ड पार्षद टी. ज्योति सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन निश्चित रूप से शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को और अधिक मजबूत करने वाला रहा।Spread the lovePost navigationशिक्षक दिवस_2026 विशेष : “वो दो दीये जो जलकर अंचल में शिक्षा का अलख जगा रही हैं!” गांधी विद्या मंदिर में शिक्षकों का महापर्व हर्षोल्लास से सम्पन्न, वक्ताओं ने गुरु की महिमा पर डाले प्रकाश ।