दल्ली राजहरामंगलवार 17 जून 2025भोज राम साहू 9893765541शहीद अस्पताल दल्ली राजहरा की एक और उपलब्धि ! गंभीर प्रसव जटिलता के दौरान चिकित्सको के लिए निर्णय ने एक महिला और नवजात शिशु की जान बचाई l शहीद अस्पताल में आज दिनांक 17/06/2025 को एक 27 वर्षीय गर्भवती महिला को अत्यधिक प्रसव पीड़ा के साथ भर्ती किया गया। महिला का हीमोग्लोबिन स्तर केवल 5.8 ग्राम था और उनका रक्त समूह ‘B नेगेटिव’ (B-) था, जो कि एक अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह है। चिकित्सकीय जांच के उपरांत यह स्पष्ट हुआ कि स्थिति अत्यंत जटिल है और तुरंत उच्च स्तरीय चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। शहीद अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक दल द्वारा महिला को उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर करने की सलाह दी गई, लेकिन महिला और उसके परिजनों ने रेफर करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। इस बीच महिला की स्थिति और अधिक गंभीर होती चली गई और तत्काल रक्त संक्रमण (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की आवश्यकता उत्पन्न हो गई। दुर्भाग्यवश, ‘बी नेगेटिव’ रक्त समूह का कोई भी रक्तदाता तत्काल उपलब्ध नहीं था, न ही परिजनों में कोई इस रक्त समूह का पाया गया।इस संकटपूर्ण परिस्थिति में, हमारे अस्पताल के डॉक्टर अमित बाबू ने मानवीय संवेदना और चिकित्सकीय कर्तव्य को प्राथमिकता देते हुए स्वयं अपना ‘B नेगेटिव’ रक्तदान कर महिला की जान बचाई। उनके इस साहसिक और संवेदनशील निर्णय ने न केवल महिला की जान बल्कि उसके नवजात शिशु को भी सुरक्षित जीवन प्रदान किया। डॉक्टर अमित बाबू की इस उत्कृष्ट सेवा और समर्पण को सलाम करते हैं और समस्त चिकित्सा समुदाय को यह संदेश देना चाहते हैं कि जीवन बचाने के लिए मानवीय संवेदना और त्वरित निर्णय कितना महत्वपूर्ण होता है।इस चिकित्सीय कार्य में स्टाफ नर्स गीतांजलि, उमा, रौशनी एवं दीपांजलि सिस्टर का योगदान रहा l Spread the lovePost navigationसर्वाइकल समस्या से जुझ रहे युवा पत्रकार दीपक यादव की जान बचाने जनता से मदद की अपील …..! तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा में भक्त माँ कर्मा जयंती एवं आदर्श विवाह की आय व्यय के संबंध में हुई बैठक l