दल्ली राजहरारविवार 21 जून 2026भोजराम साहू 9893 765541 प्राचार्य के दुबे: योग धर्म नहीं, जीवन जीने की कला है । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह से मनाया गया। प्रशिक्षण अधीक्षक एवं प्रभारी प्राचार्य के दुबे ने कहा कि योग भारत की देन है। यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग यम, नियम, आसन, प्राणायाम से जीवन व्यवस्थित और सुखी बनता है।योगाचार्य वीरेंद्र कुमार बघेल ने प्रशिक्षणार्थियों और स्टाफ को सूक्ष्म व्यायाम, वृक्षासन, ताड़ासन, सूर्य नमस्कार, भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम विलोम और ध्यान कराया। उन्होंने बताया कि योग से शारीरिक के साथ मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक लाभ भी मिलते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों और अधिकारियों ने नियमित योग करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रशिक्षण अधिकारी चंद्र प्रकाश कश्यप, शिवेंद्र कुमार, टिकेश्वर साहू, फनिल कुमार, प्रवीण कुमार, गीतांजलि और सहायक ग्रेड-1 राजेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।Spread the lovePost navigationविश्व योग दिवस: व्यवहार न्यायालय दल्ली राजहरा में जज से लेकर वकील तक ने किया योगाभ्यास…! 13 जुलाई से रायपुर में हड़ताल: दल्ली राजहरा नगर पालिका कर्मचारियों ने भी थामा मोर्चा ।