दल्ली राजहरा
गुरुवार 09 जुलाई 2026
भोजराम साहू 9893 765541

 

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने ग्राम नकटी में लगभग 80 परिवारों के मकानों को अवैध बताकर हटाए जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन का कहना है कि यदि भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाना ही प्रशासन का उद्देश्य है, तो फिर पाटेश्वर धाम के संबंध में उठाए गए कथित अतिक्रमण के आरोपों पर आज तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर जी का आरोप है कि बाबा बालक दास द्वारा तूयेगोदी क्षेत्र में वन भूमि पर बड़े पैमाने पर कब्जा कर पाटेश्वर धाम निर्माण किया गया है। उनका कहना है कि इस संबंध में वन विभाग के अभिलेखों और अधिकारियों के स्तर पर भी आपत्तियाँ सामने आई हैं, फिर भी प्रशासन कार्रवाई से बचता दिखाई दे रहा है।
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने सवाल उठाया कि क्या कानून केवल गरीब मजदूरों और किसानों के लिए है? नकटी में गरीब परिवारों के घर तोड़ दिए गए, लेकिन प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों में प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। यदि किसी भी व्यक्ति ने वन भूमि पर अतिक्रमण किया है, तो उसके विरुद्ध भी समान रूप से कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।

 

 

संगठन ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि पाटेश्वर धाम और तूयेगोदी क्षेत्र में कथित अतिक्रमण को हटाया जाए । वन भूमि पर अवैध कब्जा है, उसे बिना किसी भेदभाव के तत्काल कार्रवाई की जाए। अन्यथा यह संदेश स्पष्ट जा रहा ही कि गरीबों के लिए अलग कानून और प्रभावशाली लोगों के लिए अलग व्यवस्था लागू है। 

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ ने कहा कि शासन प्रशासन दोहरे मापदंड अपनाना बंद करे और वन भूमि के अवैध कब्जे को तत्काल हटाये, गरीब लोगो के लिए अलग नियम और बाबाओं और राजनीतिक प्रभावशाली लोगों के लिए अलग नियम ,ये कैसा लोकतंत्र क्या सरकारें इसीलिए चुनकर आती है कि स्थानीय लोगों को खदेड़ा जाए और बाहरी लोगों को बसाया जाए, सरकार की ये नीति बिल्कुल नहीं चलेगी आदिवासी क्षेत्र में अवैध कब्जा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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