दल्ली राजहरा रविवार 19 जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541 मुखिया प्रेमा देवी और उनके पति समाजसेवी रंजीत सहनी कहते हैं कि हर सफल व्यक्ति के पीछे किसी न किसी महिला का हाथ होता है लेकिन किसी ने यह नहीं कहा की सफल महिला के पीछे भी किसी पुरुष का हाथ होता है । यह विरोधाभास साबित हुआ है महान राजनीतिज्ञ चाणक्य के प्रदेश बिहार जैसे पिछड़े हुए कहे जाने वाले राज्य पर जहां आज समस्तीपुर जिला के मुखिया श्रीमती प्रेमा देवी और उनके पति समाज सेवी रंजीत सहनी ने जो मिसाल पेश की है वह सिर्फ बिहार ही नहीं पूरे देश के उस व्यवस्था को उन्होंने पीछे छोड़ दिया ।जहां पर देखे तो वार्ड पार्षद से लेकर वार्ड पंच हो सरपंच हो या गांव के या शहर का मुखिया हो हर जगह जिसने भी कुर्सी संभाली ग्राम और शहर का विकास तो कम अपना विकास और अपने चाहने वालों के विकास पहले देखा । सरकार चुनाव के नामांकन दाखिल करने के समय तो आपके पास कितनी धन संपत्ति आदि है यह तो नामांकन फार्म में दाखिल करवाता है और पद मुक्त होने के बाद की उनके संपत्ति का मिलान क्यों नहीं करता..? क्या चुनाव आयोग का फॉर्मेलिटी सिर्फ दिखाने के लिए है ..? अधिकतर देखें तो उनके पद मुक्त होते ही उनके संपत्ति में कई गुना वृद्धि हो जाती है ..!https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0409.mp4 सरकार के पास पदाधिकारीयो के पद मुक्त होने के बाद भी यह सवाल उनके सामने रखना चाहिए कि आपने इन 5 सालों में जनता के लिए दिए गए पैसे से कितना अपना जेब भर लिया और कितने पैसे का आपने जनसेवा में लगाए हैं ..? यह व्यवस्था सरकारी तंत्र में क्यों नहीं है ..? कारण साफ है छोटे से लेकर राजनीतिक महकमा के अधिकतर लोग इस भ्रष्टाचार के रंग में रंगे हुए हैं । आज संडे मेगा स्टोरी में एक जज्बा एक सोच को सलाम करते हुए कहानी बता रहे हैं जहां एक छोटे से पंचायत में ब्याह कर आई प्रेमा देवी को पूरी तरह से समाज सेवा और गांव को बदलने के लिए पल-पल पर उनके पति समाज सेवी रंजीत सहनी ने हम साया बनकर जो साथ दिया और जो रास्ता दिखाया वास्तव में यह विचार अगर देश के सभी जनसेवक के मन में आ जाए तो सिर्फ समस्तीपुर जिला के मोतीपुर ही नहीं पूरे भारत में राम राज्य आ जाएगा । ऐसा क्यों कहा जा रहा है इसी राम राज्य की कल्पना को साकार करते बिहार के समस्तीपुर जिला के मोतीपुर पंचायत की कहानी आपको बता रहे हैं । समस्तीपुर जिला इन दिनों विकास की नई कहानी लिख रहा है । खासकर रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत मोतीपुर पंचायत ने अपनी प्रगति से न सिर्फ जिले, बल्कि पूरे बिहार में एक मिसाल कायम की है । यह पंचायत विकास के मामले में इतना आगे निकल चुका है कि इसे देखने के लिए न सिर्फ बिहार के विभिन्न जिलों से, बल्कि देश के अन्य राज्यों से भी पंचायत प्रतिनिधि और उच्च अधिकारी लगातार दौरा करते रहते हैं ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0436.mp4कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ के जसपुर जिले के पंचायत प्रतिनिधि गण भी वहां जाकर विकास की गाथा देख चुके हैं ।मोतीपुर अब एक सामान्य पंचायत नहीं रहा, बल्कि वह एक ऐसा उदाहरण बन गया है, जिससे यह साबित होता है कि अगर इच्छा शक्ति और सही नेतृत्व हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों को भी आधुनिकता की राह पर लाया जा सकता है ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0438.mp4पंचायत की मुखिया श्रीमती प्रेमा देवी ने अपने समर्पण और मेहनत से पंचायत को विकास की नई दिशा दी है ।इनके बेहतरीन कार्यों को देखते हुए श्रीमती प्रेमा देवी को 11 दिसंबर, 2024 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है यह समस्तीपुर और पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0437.mp4 श्रीमती प्रेमा देवी ने अपनी संघर्ष की कहानी साझा की उन्होंने बताया कि विवाह के बाद जब वह मोतीपुर पंचायत आई, तो यहां शौचालय और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी । लोगों को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता था । पंचायत में जल भराव की समस्या इतनी गंभीर थी कि लोगों का चलना भी मुश्किल हो जाता था । पंचायत पूरी तरह से अतिक्रमण की शिकार था। अच्छी सड़के और जल निकासी व्यवस्था का अभाव था स्वच्छ पर जल की सीमित पहुंचती थी।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0435.mp4 इन समस्याओं को देखकर उन्होंने सोचा कि वे पंचायत के लिए कुछ करें । 2016 में अपने पति रंजीत साहनी के प्रेरित करने पर उन्होंने पंचायत चुनाव लड़ी और मुखिया बनीं । इसके बाद उन्होंने जल निकासी, रोजगार सृजन और स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किए ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0441.mp4 प्रेमा देवी के पति रंजीत साहनी ने कहा कि उन्होंने जो कार्य किए हैं, वे किसी से छिपे नहीं हैं । हमारी पंचायत को आज देशभर में सराहा जा रहा है । यह गर्व की बात है कि राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित होने का अवसर मिला है । उन्होंने यह भी बताया कि कब्जे वाली भूमि को प्रशासन के सहयोग से खाली करवाकर वहां विकास कार्य शुरू किए गए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिला ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0432.mp4 श्रीमती प्रेमा देवी और उनके पति ने बताया कि मोतीपुर पंचायत के विकास कार्यों को देख अन्य राज्यों से भी लोग आते हैं ।पंचायत में बनाए गए मॉडल भवन और सेल्फी पॉइंट यहां की खास पहचान बन गए हैं । 2016 में मुखिया बनने के बाद से उन्होंने अपने पंचायत को एक आदर्श पंचायत में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं ।उनके नेतृत्व में पंचायत में हुए विकास कार्य अब न केवल समस्तीपुर जिले बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गए हैं ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0424.mp4 उनके नेतृत्व (2016 से) में हुए विकास कार्यों के कारण इस पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर ‘आदर्श ग्राम पंचायत’ के रूप में पहचान मिली है।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0423.mp4 राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानः स्वच्छता, ODF प्लस (खुले में शौच मुक्त) कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण (क्लाइमेट एक्शन) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। उन्हें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिल्ली में विशेष अतिथि के रूप में भी सम्मानित किया जा चुका है।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0414.mp4क्लाइमेट एक्शन विशेष श्रेणी में मोतीपुर पंचायत को क्लाइमेट एक्शन विशेष पंचायत पुरस्कार के लिए बिहार से अकेले चुना गया है। इस श्रेणी में देशभर से केवल तीन पंचायतों को चयनित किया गया है । यह पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु अनुकूल योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया जाता है। पंचायत की मुखिया प्रेमा देवी को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया था। यह सम्मान उन्हें 24 अप्रैल को मधुबनी में आयोजित पंचायती राज दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों दिया गया । इस अवसर पर उन्हें 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई । पंचायत में शिक्षा, स्वच्छता, पेयजल और रोजगार के क्षेत्रों में हुए बदलावों ने इस गांव की तस्वीर ही बदल दी है । इन उपलब्धियों के पीछे उनके पति रंजीत कुमार सहनी का भी बड़ा योगदान माना जाता है, जो हर कदम पर उनका सहयोग करते हैं। यह पहला मौका नहीं है जब मोतीपुर पंचायत और मुखिया प्रेमा देवी को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला हो। उन्हें पूर्व में बाल हितैषी एवं स्वास्थ्य पंचायत पुरस्कार, नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार, चाइल्ड फ्रेंडली पंचायत पुरस्कार, स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण पुरस्कार, स्वच्छता ही सेवा पुरस्कार सहित कई अन्य सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सैनिटेशन सर्टिफिकेट, यशस्वी मुखिया अवार्ड और अटल अवार्ड जैसे कई पुरस्कारों से इन्हें नवाजा गया है। उनके कार्यकाल में मोतीपुर को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त पंचायत बनाया गया है। यहाँ मनरेगा पार्क, चिल्ड्रन पार्क, योगा पार्क, बाल वाटिका, तालाबों का सौंदर्याकरण, और मॉडल यात्री शेड जैसी शानदार सुविधाएं विकसित की गई हैं।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0417.mp4 पंचायत में किए अनोखे विकास कार्य श्रीमती प्रेमा देवी ने अपने कार्यकाल में प्रशासन के सहयोग से कई योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया. उन्होंने पंचायत में कई उल्लेखनीय विकास कार्य कराए हैं, जिनमें शामिल हैं ,मनरेगा पार्क, चिल्ड्रन पार्क, योगा पार्क और बाल वाटिका का निर्माण तालाबों का सौंदर्याकरण, सीढ़ियों का निर्माण, मॉडल यात्री शेड और मुक्तिधाम का निर्माण मॉडल हाट, आंगनबाड़ी भवन, और स्कूल भवन का निर्माण । मनरेगा, 15वें वित्त आयोग और जनभागीदारी से हर घर में पेयजल, सड़क, नलियां, बिजली, शौचालय, आवास मिला. वहीं उज्ज्वला, पेंशन, राशन शत-प्रतिशत उपलब्ध हुआ । जलवायु परिवर्तन पर विशेष जोर अमृत सरोवर, तालाबों से 11 एकड़ जल संचयन, भूजल सुधार से दो फसलें, मत्स्य पालन की योजना चल रही है. मियावकी तकनीक से सरोवर हरे-भरे हैं। गोवर्धन योजना से सभी पशुपालकों के घर बायोगैस प्लांट, एलपीजी खर्च शून्य, जैविक खाद से खेती सस्ती हो रही है एक एकड़ से अधिक पोषण-औषधीय वाटिका में 25 फलदार, 40 औषधीय पौधे लगाये गये हैं । इससे बुजुर्गों-बच्चों को निःशुल्क फल मिल पा रहा है ।शहरों जैसा मॉडल हाट से 350 परिवारों को रोजगार भी मिल रहा । स्कूलों में स्मार्ट क्लास, सोलर, पार्क से ड्रॉपआउट घटा है ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0415.mp4 सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक समय-सारिणी की शुरुआत हुई ।जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य सेवाएं प्रदान की गई । पंचायत कर्मचारियों, आंगनवाड़ी केंद्रों और टीकाकरण दरों की निगरानी की गई । इन सभी प्रयासों से पारदर्शिता बढ़ी और सार्वजनिक सेवाओं व स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हुआ। सडकों का निर्माण तथा 19,000 फीट की जल निकासी प्रणाली का निर्माण किया गया ।वर्षा जल संचयन स्थापित किए गए और नल जल योजना के तहत साफ पेयजल की सुनिश्चित की गई ।100% शौचालय कवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली लागू की गई ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0429.mp4 अपशिष्ट पृथक्करण, बायोगैस संयंत्र और सामुदायिक स्थानों के किराये से आय अर्जित किया गया । एक आदर्श ग्रामीण हाट की स्थापना की गई । एक अमृत सरोवर का निर्माण किया गया और मौजूदा जल निकायों का पुनरुद्धार किया गया । वृद्धों और आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए पोषण वाटिका का निर्माण ।पंचायत ठोस और तरल अपशिष्ट का विक्रय कर रही है तथा नए तालाबों, बायोगैस संयंत्रों और जैविक खाद (150-200 रुपये प्रति बैग) से आय सृजित कर रही है ।गांव में 50,000 पेड़ लगाए गए, जिससे सार्वजनिक और निजी भूमि पर हरियाली में वृद्धि हुई।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0419.mp4 प्रखंड अंतर्गत आदर्श ग्राम पंचायत राज मोतीपुर के पंचायत सरकार भवन स्थित सभागार को करीब ढाई लाख रुपये की लागत से आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम के रूप में सुसज्जित किया गया है। पंचायत स्तर पर इस तरह की व्यवस्था होने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच बैठकें अब अधिक व्यवस्थित और बेहतर वातावरण में आयोजित की जा सकेंगी। मोतीपुर पंचायत में हाल के दिनों में किए गए विकास कार्य लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। पंचायत सरकार भवन सभागार को नए रूप में तैयार किए जाने के बाद यह किसी बड़े अधिकारी के कॉन्फ्रेंस रूम की तरह आकर्षक और सुसज्जित नजर आने लगा है। सभागार में बैठने की बेहतर व्यवस्था, आधुनिक सजावट और बैठक के अनुकूल माहौल तैयार किया गया है, जिससे पंचायत से जुड़े कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इस संबंध में मुखिया प्रेमा देवी और समाजसेवी रंजीत सहनी ने बताया कि पंचायत की योजना के तहत ही इस कॉन्फ्रेंस रूम को विकसित किया गया है।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0399.mp4उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन में पहले साधारण सभा कक्ष था, लेकिन अब इसे आधुनिक रूप देकर कॉन्फ्रेंस रूम के रूप में तैयार किया गया है, ताकि पंचायत की बैठकों, योजनाओं की समीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन बेहतर तरीके से हो सके।उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के लिए बैठकें काफी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से लैस कॉन्फ्रेंस रूम बनने से पंचायत प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और ग्रामीणों के साथ संवाद करना अधिक सुगम होगा। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत सरकार भवन मैं इस तरह की व्यवस्था होने से पंचायत की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी। साथ ही पंचायत में आने वाले पदाधिकारियों और आगंतुकों के लिए भी बेहतर माहौल उपलब्ध हो सकेगा। ग्रामीणों का मानना है कि मोतीपुर पंचायत में हो रहे विकास कार्यों की वजह से इसे आदर्श पंचायत का दर्जा मिला है। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समस्तीपुर के मोतीपुर पंचायत में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पंचायत भवन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के छायादार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया।स्थानीय मुखिया प्रेमा देवी ने अपने संबोधन में कहा कि प्र-कृतिक संतुलन बनाये रखने और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ एवं सु-रक्षित पर्यावरण देने के लिए वृक्षारोपण अनिवार्य है। इस प्रकार के आयोजनों से जनमानस में पर्यावरण के प्रति जागरूकता आती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन होता है। कार्यक्रम में मोतीपुर मुखिया प्रेमा देवी और अन्य परिवार के सदस्यों ने भी भाग लिया और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाते हुए यह प्रेरित किया गया कि वे न केवल पौधे लगायें बल्कि उनका संरक्षण भी सुनिश्चित करें। आदर्श पंचायत मोतीपुर का यह प्रयास पर्यावरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दशार्ता है और यह संदेश देता है कि हर व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। ज्ञात हो कि मोतीपुर पंचायत की मुखिया प्रेमा देवी पंचायत स्तर, प्रखंड स्तर, जिला स्तर, राज्य स्तर के अलावा राष्ट्रीय स्तर तक सम्मानित की जा चुकी है। यही नहीं हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा भी सम्मानित हुई है। कभी उपेक्षा और गंदगी का अंबार रहे चंदाही पोखर की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से हुए कायाकल्प ने इस स्थान को न केवल पंचायत की पहचान बना दिया है, बल्कि इसे एक शानदार पर्यटन और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया है। यह सब संभव हुआ पंचायत की मुखिया प्रेमा देवी की दूरदर्शिता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से। चंदाही पोखर का विकास इतना आसान नहीं था। करीब 5 एकड़ 54 डिसमिल में फैला यह सरकारी पोखर वर्षों तक अतिक्रमण की चपेट में रहा। गांव के कुछ प्रभावशाली लोग इसे निजी संपत्ति बताकर विकास कार्यों में रोड़ा अटका रहे थे।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260719-WA0351.mp4 2016 में कमान संभालने के बाद मुखिया प्रेमा देवी ने हार नहीं मानी। पुराने और नए खतियान की बारीकी से जांच कराई गई, जिससे साबित हुआ कि यह बिहार सरकार की भूमि है। अंचल कार्यालय से एनओसी मिलने के बाद निर्माण कार्य की बाधाएं दूर हुई।समाजसेवी रंजीत सहनी और मुखिया प्रेमा देवी के साझा प्रयासों ने इस स्थल को एक सांस्कृतिक धरोहर बना दिया है। छठ पूजा और अन्य त्योहारों पर यहाँ की भव्यता देखते ही बनती है। इस पहल ने गांव में सामाजिक समरसता और एकता को भी मजबूत किया है। चंदाही पोखर की यह सफलता अब जिले की अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बन गई है।चंदाही पोखर में करीब 1 करोड़ रुपये के लगात से 5 एकड़ 54 डिसमिल जगह पर ओपन जिम, योगा पार्क, बाल वाटिका, वॉर्किंग ट्रैक और चेंजिंग रूम बनाएं गए हैं। सिर्फ पोखर की खुदाई ही नहीं की गई, बल्कि इसे बहुउद्देशीय परिसर का रूप दिया गया है। पोखर के किनारे एक आकर्षक योगा पार्क विकसित किया गया है, जहां ओपन जिम की सुविधा दी गई है। सुबह-शाम यहां ग्रामीण कसरत करते नजर आते हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए दक्षिणी भाग में वेब स्लाइडर और झूले लगाए गए हैं। मॉर्निंग वॉक के लिए सुरक्षित रनिंग और वॉकिंग ट्रैक बनाया गया है। धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए चारों ओर पक्की सीढ़ियां और छठ व्रतियों के लिए आधुनिक चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। यह प्रोजेक्ट केवल सौंदर्याकरण तक सीमित नहीं है। सघन पौधारोपण के कारण यह क्षेत्र अब ‘ग्रीन जोन’ बन चुका है। पोखर में सालों भर पानी रहने से आसपास के किसानों को सिंचाई में मदद मिल रही है और पशुपालकों के लिए मवेशियों को पानी पिलाना आसान हो गया है। जल स्तर में सुधार होने से यह पर्यावरण संरक्षण का भी एक बड़ा उदाहरण पेश कर रहा है। गोबर धन योजना के तहत 50 लाख रूपये की लागत से बायोगैस प्लांट बनाया गया है। यह प्लांट घरो में खाना पकाने के लिए गैस की आपूर्ति करता है कचरे में कमी लाता है, और प्लांट से निकले हुए कचरा खाद के रूप में उपयोग होता है। जिससे पंचायत की आमदनी बढ़ती है ।मोतिपुर की कहानी यह दर्शाती है कि सामुदायिक प्रयासों और सशक्त शासन के माध्यम से ग्रामीण विकास की अपार संभावनाएँ साकार की जा सकती हैं। इन कार्यों ने पंचायत को एक ऐसा स्वरूप दिया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत है ।प्रेम देवी मुखिया कहती है जनता की सेवा ही संकल्प और विकास ही हमारा लक्ष्य है। मोतीपुर को स्वच्छ समृद्ध एवं सशक्त पंचायत बनाने का मेरा अभियान फली भूत हो रहा है। स्वच्छता ही हमारी पहचान है । शिक्षा हमारी प्राथमिकता ,स्वास्थ्य हमारी जिम्मेदारी महिला सशक्तिकरण हमारा संकल्प हर घर का विकास हमारा प्रयास और पूरी तरह से प्रदर्शित हमारी नीति है जहां पर जनता का विश्वास ही हमारे असली ताकत है ।मोतीपुर मॉडल से देश के हर जनप्रतिनिधि को ये 10 प्रेरणाएं लेनी चाहिए:।➡️ 1. सोच बदलो, तभी गांव और शहर बदलेगा ⬅️👉 1. कुर्सी = सेवा, कमाई नहीं- अधिकतर लोग पद में आते ही “अपना विकास” पहले देखते हैं। प्रेमा जी ने “जनता का विकास” पहले देखा। नीयत साफ हो तो 5 साल में इतिहास बनता है।👉 2. टीमवर्क की ताकत – “हर सफल महिला के पीछे पुरुष का हाथ”। रंजीत जी ने पीछे से सपोर्ट किया। पति-पत्नी, वार्ड सदस्य सबको साथ लेकर चलो। अकेले कुछ नहीं होता। ➡️ 2. समस्या को अवसर बनाओ।⬅️ 👉3. जो कमी है वहीं से शुरुआत करो – मोतीपुर में शौचालय नहीं था, जलभराव था, अतिक्रमण था। उन्होंने बहाना नहीं बनाया। उसी को मुद्दा बनाकर काम शुरू किया। 👉 4. अतिक्रमण = विकास की जमीन- चंदाही पोखर को माफियाओं से छुड़ाकर 1 करोड़ का पर्यटन स्थल बना दिया। सरकारी जमीन बचाओ, वहीं पार्क-जिम-तालाब बनाओ।➡️3. पैसे का सही इस्तेमाल + नए रास्ते⬅️👉5. सरकारी पैसा + जनभागीदारी – सिर्फ सरकारी पैसे का इंतजार मत करो। मनरेगा, 15वां वित्त, जनसहयोग तीनों को जोड़ो। 👉6. कचरे से कमाई का मॉडल – कचरा उठाओ और बेचो। बायोगैस बनाओ। पंचायत को आत्मनिर्भर बनाओ। “खर्च” नहीं “आय” का स्रोत बनाओ।➡️4. 4C का फॉर्मूला अपनाओ⬅️ 👉 7. Clean – स्वच्छता – 100% ODF, प्लास्टिक मुक्त। स्वच्छता ही पहचान बनाओ तो पुरस्कार और फंड अपने आप आएंगे।👉8. Climate – पर्यावरण – 50 हजार पेड़, मियावकी जंगल, अमृत सरोवर। जलवायु वाला काम करोगे तो केंद्र से “क्लाइमेट एक्शन” का अवार्ड और 50 लाख मिलेंगे।👉9. Connectivity – कनेक्टिविटी – 19 हजार फीट नाली, अच्छी सड़क, मॉडल यात्री शेड। गांव में चलना-फिरना आसान करो।👉10. Capacity – क्षमता निर्माण – स्मार्ट क्लास, कॉन्फ्रेंस रूम, योगा पार्क। बच्चों और युवाओं को स्किल दो। ड्रॉपआउट रोको। ➡️5. सबसे जरूरी 2 सीख ⬅️👉11. पारदर्शिता रखो – कर्मचारियों की हाजिरी, प्रमाण पत्र का समय सब सार्वजनिक करो। जनता का भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत है। 👉12. पुरस्कार के पीछे मत भागो, काम के पीछे भागो – प्रेमा जी पुरस्कार मांगने नहीं गईं। काम किया तो राष्ट्रपति से लेकर PM तक ने खुद बुलाकर सम्मानित किया। सरकार से यह हमारा दल्ली राजहरा _निष्पक्ष समाचार चैनल का सवाल है । सरकार नामांकन में पूछती है “कितनी संपत्ति है”। : हर जनप्रतिनिधि को खुद पहल करके हर साल “खर्च का हिसाब” सार्वजनिक करना चाहिए। “मैंने जनता के 5 करोड़ में से कितना गांव या शहर पर लगाया” ये बोर्ड पंचायत भवन पर लगना चाहिए। मोतीपुर ने यही किया।छोटे से पंचायत की मुखिया प्रेमा देवी और उनके पति समाजसेवी रंजीत साहनी ने जो आदर्श ग्राम पंचायत का जो मिसाल पेश की है उसे दोहराना शायद किसी भी बड़े से बड़ा राजनेता की बस की बात हो। हमारा दल्ली राजहरा – एक निष्पक्ष समाचार चैनल की संडे मेगा स्टोरी की ओर से आज बस इतना ही आपके पास भी ऐसी कोई कहानी हो तो हमसे अवश्य संपर्क करें! भोजराम साहू संपादक हमारा दल्ली राजहरा एक निष्पक्ष समाचार चैनलSpread the lovePost navigationसाल्हे में कल, बनगांव-जम्ही में आज: जिओ के जनरेटर के ताले टूटे, 150 लीटर से अधिक डीजल चोरी । शंकर साहू बने छत्तीसगढ़ साहू संघ के प्रदेश महामंत्री, जिला एवं तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा ने दी बधाई…।