दल्ली राजहरा रविवार 09 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541 👉 50 साल से सुविधाओं से वंचित 15,000 लोगों को पट्टा दिलाने की पहल: नगर पालिका अध्यक्ष ने SAIL से 130 एकड़ जमीन हस्तांतरण की मांग की लौह नगरी दल्ली राजहरा के 9 वार्डों में पिछले 50 वर्षों से बसे 15,000 लोगों को मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड SAIL के चेयरमैन, लोधी रोड नई दिल्ली को पत्र लिखकर बीएसपी माइंस क्षेत्र की 130 एकड़ अनुपयोगी भूमि को अविलंब राजस्व विभाग के नाम हस्तांतरित करने की मांग की है। क्या है पूरा मामला नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने अपने पत्र में बताया कि नगर पालिका दल्ली राजहरा 27 वार्डों में विभक्त है। इसमें से 270.26 एकड़ भूमि पहले ही बीएसपी द्वारा राजस्व विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। लेकिन वर्तमान में भी लगभग 130 एकड़ अनुपयोगी भूमि बीएसपी के अधीन है। यह भूमि वार्ड क्रमांक 01, 02, 03, 05, 07, 09, 16, 17 और 23 में स्थित है। इन वार्डों में चारों माइंस, महामाया, दुलकी, कलवर दल्ली और राजहरा खदान के श्रमिक पिछले 50 वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी में निवासरत हैं। भूमि बीएसपी के नाम दर्ज होने के कारण इन मूल निवासियों को आज तक शासन की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। विकास कार्य अटके, NOC बनी बाधाअध्यक्ष साहू ने पत्र में उल्लेख किया कि इस 130 एकड़ भूमि पर सड़क, नाली, बिजली, पानी, शौचालय और आवास जैसी किसी भी विकास योजना के लिए बीएसपी से NOC लेना अनिवार्य है। बीएसपी की जटिल प्रक्रिया के कारण स्थानीय जनप्रतिनिधि और वार्डवासी अत्यंत परेशान हैं। इसी वजह से इन क्षेत्रों में विकास कार्य वर्षों से लंबित पड़े हैं। उन्होंने लिखा कि वर्तमान में यह भूमि राजस्व अभिलेख में बीएसपी के नाम दर्ज है, जबकि वास्तविक उपयोग नगर पालिका और जनता द्वारा किया जा रहा है। यदि यह भूमि राजस्व विभाग को हस्तांतरित हो जाती है तो नजूल पट्टा, प्रधानमंत्री आवास योजना, नल-जल योजना और अमृत मिशन जैसे कार्यों में तेजी आएगी। “आवास सभी का अधिकार” का हवालापत्र में मुख्यमंत्री के संकल्प “आवास सभी का अधिकार” का भी जिक्र किया गया है। अध्यक्ष ने कहा कि जब तक यह भूमि राजस्व विभाग के नाम नहीं होगी, तब तक 15,000 लोगों को पट्टा नहीं मिल सकता और न ही पक्के आवास बन सकते हैं। उन्होंने पत्र में 08 मार्च 1993 के सर्वे का भी हवाला दिया। उस समय भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों द्वारा कुल 400 एकड़ अनुपयोगी जमीन का सर्वे किया गया था। इसमें से 270 एकड़ जमीन राजस्व विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। शेष 130 एकड़ जमीन अभी भी शेष है जो नगरवासियों की दृष्टि से अनुपयोगी है और इस क्षेत्र में माइंस का विस्तारीकरण भी नहीं हो रहा है। सेल चेयरमैन से अपील तोरण लाल साहू ने SAIL चेयरमैन से आग्रह किया है कि दल्ली राजहरा में लौह नगरी के संयंत्र स्थापित होने से विगत 50 वर्षों से 130 एकड़ भूमि पर बसी 15,000 की आबादी को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से बीएसपी की अनुपयोगी 130 एकड़ भूमि अविलंब राजस्व विभाग को हस्तांतरित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने की कृपा करें। उन्होंने कहा कि आपके एक निर्णय से 15,000 गरीब परिवारों को शासन की समस्त योजनाओं का लाभ मिलेगा और “सबका साथ-सबका विकास” का संकल्प साकार होगा। पत्र के अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि SAIL इस मानवीय समस्या का तत्काल निराकरण करेगा।Spread the lovePost navigationविश्व स्तनपान दिवस पर दल्ली राजहरा में जागरूकता कार्यक्रम: माँ का दूध अमृत, किशोरियों को HPV टीका जरूरी । विधायक अनिला भेंडिया ने डौंडी में किया कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन, भाजपा सरकार पर बोला हमला