दल्ली राजहरा गुरुवार 03 सितंबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 बाजारों में महुआ, काशी और छह भाजियों की रही रौनक, भैंस के दूध-दही का रहा विशेष महत्व नगर पंचायत चिखलाकसा, कुसुमकसा एवं दल्ली राजहरा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में मंगलवार 02 सितंबर को कमरछठ (हलषष्ठी) का पर्व पारंपरिक आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुहागिन माताओं ने अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और समस्त विपत्तियों से रक्षा की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। शाम होते ही नगर के विभिन्न स्थानों पर माताओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।सगरी की पूजा और पशहर भात से हुआ व्रत का पारण शाम को महिलाओं ने सामूहिक रूप से माँ सगरी (छोटा तालाब), देवाधिदेव महादेव और हलधर बलराम की पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद घर जाकर पसहर चावल का भात एवं छह प्रकार की भाजियों से बनी बिना नमक की सब्जियों का पशु-पक्षियों एवं जीव-जंतुओं को भोग अर्पित करने के बाद स्वयं प्रसाद ग्रहण कर व्रत का समापन किया।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260902-WA0120.mp4पूजा उपरांत सगरी में फल-पुष्प अर्पित कर पुत्र की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई और फिर परंपरा अनुसार पूजा स्थल को समतल कर दिया गया। बाजारों में रही त्यौहार की रौनककमरछठ को लेकर विगत कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। ग्रामीण अंचलों से पूजा में उपयोग होने वाले काशी, महुआ एवं खमार के पत्ते-दातौन, भुना हुआ अनाज, महुआ के फूल, छह प्रकार की भाजियां, पहली बार व्रत करने वाली महिलाओं के लिए बांस की छोटी-छोटी टोकरियां, धान की लाई जैसी कई सामग्री बाजार में बिकने आई थी। कई विक्रेता गली-मोहल्लों में घूम-घूम कर पूजा सामग्री बेचते नजर आए। यह एक ऐसा अनोखा त्यौहार है जहां गाय के बजाय भैंस के दूध, दही, घी और गोबर को विशेष महत्व दिया जाता है। इस कारण गली-मोहल्लों में भैंस के दूध-दही-घी बेचने वालों की भी खूब आवाजाही रही।हर चौक-चौराहे पर बनी सगरी पूजा के लिए नगर के विभिन्न सामुदायिक भवनों, कला मंचों और चौक-चौराहों पर सगरी का निर्माण किया गया था, जहां माइक की व्यवस्था कर पंडितों तथा मोहल्ले की बुजुर्ग महिलाओं एवं पुरुषों द्वारा पूजा संपन्न कराई गई। नगर में यहाँ हुई सामूहिक पूजा – – वार्ड क्र. 2 चिखलाकसा : साधना साहू, संध्या शर्मा, मधु उपाध्याय, हुलसी देवी ठाकुर, संगीता ठाकुर, महेश्वरी साहू, अंजू मारकंडे आदि ने हलषष्ठी की पूजा की। जानकारी कैलाश शर्मा ने दी। – बस स्टेशन चौक दल्ली राजहरा : प्रतिमा योगी, रेखा यादव, तन्नू साहू, परी सोनी, मंजू, रानी सहित अन्य माताएं शामिल हुईं। – वार्ड क्र. 2 पंडर दल्ली, अंगार मोती मंदिर : सरस्वती यादव के नेतृत्व में पूजा हुई। – गणेश चौक : द्रौपदी साहू, नर्मदा साहू, कविता निषाद, रोशनी निषाद, प्रेमलता निर्मलकर, रोशनी साहू, पूनम जायसवाल, राजकुमारी साहू, लोकेश्वरी, डोलेश्वरी, बबली भारती, आशा, किरण साहू, मानकी साहू, संत्री निर्मलकर, पूर्णिमा, दूलेश्वरी, सुनीता, द्रोपती, मोहिनी, निर्मला, चेमन, रीना जायसवाल द्वारा पूजा की गई।– रामनगर चौक : रंजना निर्मलकर के नेतृत्व में पूजा संपन्न हुई। – छत्तीसगढ़ समन्वय समिति में महिलाओं के द्वारा मनाया गया । : यहाँ भी महिलाओं ने सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार विशाल सगरी बनाकर पूजा की।जैन मंदिर वार्ड क्र. 22, बीएसपी टाउनशिप : ममता शर्मा, राधा मिश्रा, ममता मानकर, वीणा निषाद, पूर्णिमा राठौर, लता कुलदीप, प्रियंका नायक, डॉ. आकांक्षा राठौर, प्रियंका गुप्ता, प्रभा देवी राठौर, शांति साहू, निर्मला निषाद, उमा ढोले, तरुण साहू ने व्रत रखा। Spread the lovePost navigationदल्ली राजहरा सहित अंचल में महिलाओं ने हलषष्ठी पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया व हलषष्ठी मैय्या से संतान की दीर्घायु की कामना की। स्वामी आत्मानंद स्कूल खलारी में हर्षोल्लास से मनाया गया संस्कृत दिवस : प्राचार्य ने कहा – संस्कृत सभी भाषाओं की जननी ।