दल्ली राजहरा बुधवार 07 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

 नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष तोरण लाल साहू के जन्मदिन के अवसर पर जहां पूरे नगर में बधाईयों का तांता लगा रहा, वहीं पर्यावरण प्रेमियों ने इस शुभ अवसर को प्रकृति से जोड़कर एक अनूठी मिसाल पेश की।

 

पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू एवं टिकेश्वर साहू ने नगर पालिका अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू को गुलदस्ते या केक के बजाय पौधा भेंट कर जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। पौधा भेंट कर उन्होंने जन्मदिन को केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित न रखकर उसे पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का सकारात्मक संदेश दिया।

जल स्रोतों को बचाने का आग्रह –
इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमियों ने नपा अध्यक्ष से दल्ली राजहरा क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाने का आग्रह किया।

 

उन्होंने कहा कि दल्ली राजहरा और आसपास का क्षेत्र प्राकृतिक जल स्रोतों का महत्वपूर्ण भंडार है, लेकिन उचित देखरेख और जागरूकता के अभाव में कई जल स्रोत धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। ये जल स्रोत केवल पानी ही नहीं देते, बल्कि पेड़-पौधों, वन्यजीवों, पक्षियों और मानव जीवन के लिए जीवनदायिनी हैं। इनकी साफ-सफाई, जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने और आसपास के पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए नगर पालिका और आम नागरिकों की सहभागिता से अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है।

 

जंगलों का संरक्षण जरूरी – प्रदीप साहू
पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू ने कहा कि दल्ली राजहरा वनों से घिरा हुआ क्षेत्र है और यही जंगल हमारी प्राकृतिक पहचान हैं। जंगलों का कम होना सिर्फ पेड़ों की कमी नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर वन्यजीवों और पर्यावरण संतुलन पर पड़ता है। जब वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास और भोजन खत्म होता है, तभी वे भोजन की तलाश में मानव बस्तियों की ओर आते हैं।

 

उन्होंने स्पष्ट कहा कि वन्यजीवों को शहर से दूर रखने के लिए उन्हें भगाना समाधान नहीं, बल्कि उनके जंगल और जल स्रोतों को सुरक्षित रखना ही स्थायी समाधान है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जंगलों को नुकसान न पहुंचाएं, पेड़ों की कटाई न करें और वन क्षेत्र में आग लगाने जैसी घटनाओं से बचें। यदि कोई जंगल को नुकसान पहुंचाता दिखे तो जिम्मेदार नागरिक बनकर वन विभाग को सूचना दें।

वन्यजीवों की रक्षा सिर्फ एक सप्ताह तक सीमित न रहे – टिकेश्वर साहू
टिकेश्वर साहू ने कहा कि अभी वन्य प्राणी सप्ताह के माध्यम से जागरूकता फैलाई जा रही है, लेकिन वन्यजीवों की रक्षा को केवल एक सप्ताह तक सीमित नहीं रखना चाहिए। वन्यजीव हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जंगल के छोटे-बड़े सभी जीव प्रकृति का संतुलन बनाए रखते हैं।

 

उन्होंने कहा कि यदि कोई वन्यजीव शहर या आबादी क्षेत्र में आ जाए तो उसे डराने या नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग को सूचना देकर उसे सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास में पहुंचाने में सहयोग करना ही सच्ची मानवता और पर्यावरण संरक्षण है।

 

खाद्य श्रृंखला का संतुलन जरूरी –
प्रदीप साहू ने आगे कहा कि प्रकृति में हर जीव की अपनी भूमिका है। किसी एक प्रजाति की संख्या कम या ज्यादा होने से पूरा पारिस्थितिक तंत्र बिगड़ सकता है। इसलिए मनुष्य को विकास के साथ-साथ जल, जंगल, जमीन और वन्यजीवों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

 

अंत में दोनों पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि “एक पौधा आने वाले वर्षों में वृक्ष बनकर मनुष्य, पक्षियों और जीवों को आश्रय देता है। एक सुरक्षित जंगल अनेक वन्यजीवों का घर होता है और एक संरक्षित जल स्रोत पूरे तंत्र के लिए जीवनदायी होता है।”

 

उन्होंने नपा अध्यक्ष से आग्रह किया कि नगर पालिका जल स्रोतों, जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाए और आम नागरिकों से भी अपील की कि पर्यावरण रक्षा को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं, क्योंकि *”प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।”
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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