दल्ली राजहरा रविवार 18 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 लौह नगरी दल्ली राजहरा मौसम परिवर्तन के साथ ही लौह नगरी का नजारा पूरी तरह बदल गया। बीते दो दिनों से सुबह-सुबह घने कोहरे ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लेता है। सुबह 5.30 बजे हल्का कोहरा दिखना शुरू हुआ, जो 6.00 बजते-बजते इतना घना हो गया कि पूरा शहर धुंध में समा गया। जहाँ पेड़ों की सघनता अधिक है, वहाँ 7.00 बजे तक सिर्फ कोहरा ही कोहरा नजर आया। सूर्य निकलते ही उसकी सुनहरी रोशनी और कोहरे के मेल का नजारा बेहद सुंदर और मनोरम लग रहा था। कोहरे की वजह से दल्ली राजहरा किसी पर्वतीय प्रदेश जैसा नजर आ रहा था। https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/10/video_20261017_062727.mp4सप्तगिरि पार्क में भी दिखा मनोरम दृश्य सुबह की सैर पर सप्तगिरि पार्क पहुँचे दर्शक वहाँ की व्यवस्था देखकर खुश हो गए। पार्क में उगता हुआ सूर्य, विशाल पाम के पेड़ और छोटी सी जलाशय का संगम बेहद सुंदर दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे दर्शक किसी पहाड़ी इलाके में आ गए हों और वहाँ से इस विहंगम नजारे को देख रहे हों। कोहरे के बीच उगते सूरज की लालिमा ने पार्क की खूबसूरती में चार चाँद लगा दिए। लेकिन भीष्म रथ की बदहाली ने किया मायूस वहीं दूसरी ओर भीष्म रथ व्यू प्वाइंट पर पहुँचे पर्यटक वहाँ की स्थिति देखकर मायूस हो गए। रथ के आसपास छटाई के अभाव में विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे और बबूल की कँटीली झाड़ियाँ बेतहाशा बढ़ गई हैं। ऊँचाई इतनी बढ़ गई है कि दूर तक पहाड़ और पहाड़ से निकलता सूर्य दिखाई नहीं दे रहा है।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/10/video_20261018_100742.mp4पूर्व मुख्य महाप्रबंधक एस.के. साहा की परिकल्पना थी कि यह स्थल एक आदर्श व्यू प्वाइंट बनेगा, जहाँ से शहर के चारों कोने का दृश्य और सड़कों पर चलते वाहन तक दिखेंगे। आज घनी झाड़ियों के कारण वह परिकल्पना धरी की धरी रह गई है। झाड़ियों की आड़ में यह स्थल असामाजिक तत्वों की पनाहगाह बनता जा रहा है। परिसर में फेंके गए पॉलीथीन, डिस्पोजल गिलास और शराब की बोतलें इसकी गवाही दे रही हैं।हालांकि बीएसपी प्रबंधन ने विद्युत व्यवस्था बेहतरीन कर दी है, लेकिन झाड़ियों की छटाई और पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग की मांग स्थानीय लोगों ने की है, ताकि दर्शक भयमुक्त होकर सूर्योदय और सूर्यास्त के मनोरम दृश्य का आनंद ले सकें।Spread the lovePost navigationकुसुम कसा की वर्षों पुरानी मांग पूरी – रेलवे ओवरब्रिज के लिए 4.21 करोड़ स्वीकृत, ग्रामीणों में हर्ष । मर्यादा रावण से सीख ले तो हम इंसान हो जाएं , भले राम बने या ना बने। दशहरा के पावन पर्व पर हमारा दल्ली राजहरा निष्पक्ष समाचार चैनल की 57 वीं संडे मेगा स्टोरी ।