दल्ली राजहरा गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 विकासखंड स्तरीय राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, विज्ञान मेला और विज्ञान नाटिका का भव्य आयोजन, शिक्षकों ने भी जीता दिल स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, विकासखंड डौंडी में दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को विकासखंड स्तरीय राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2026-27, पश्चिम भारत विज्ञान मेला एवं विज्ञान नाटिका प्रतियोगिता का भव्य आयोजन संपन्न हुआ।कार्यक्रम में विकासखंड के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 6वीं से 12वीं तक के कुल 76 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। उनके साथ उनके विज्ञान प्रभारी 14 शिक्षक भी मौजूद रहे। क्या था इस बार का थीम ?इस वर्ष की प्रदर्शनी का मुख्य थीम रहा – “सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार” इसी मुख्य थीम के अंतर्गत 07 सब-थीम पर बच्चों ने अपने मॉडल प्रस्तुत किए। बच्चों ने ऐसे-ऐसे मॉडल बनाए कि निर्णायक मंडल भी हैरान रह गया। कैसे हुआ चयन ?निर्णायक मंडल द्वारा हर विधा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों का चयन जिला स्तर की प्रदर्शनी के लिए किया गया। प्रोजेक्ट प्रतियोगिता व्यक्तिगत प्रोजेक्ट और टीम प्रोजेक्ट में प्रथम और द्वितीय स्थान वालों का चयन । विज्ञान नाटिका प्रथम स्थान प्राप्त समूह का चयन प्रश्न मंच प्रतियोगिता -जूनियर वर्ग और सीनियर वर्ग से प्रथम और द्वितीय आने वालों का चयन सेमीनार प्रतियोगिता – जलवायु संबंधी गतिविधियों के लिए STEM एवं गैर संक्रामक रोग – कारण और निवारण विषय में विकासखंड के दो शिक्षकों ने प्रथम स्थान प्राप्त कियाअब अगला पड़ाव – बालोदविकासखंड स्तर पर चयनित समस्त प्रतिभागी दिनांक 4 नवंबर 2026 को जिला स्तरीय प्रदर्शनी हेतु शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बालोद में प्रतियोगिता में भाग लेने जाएंगे।किसने दी शुभकामनाएं ?विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार चतुर्वेदी, बीआरसी केंद्र समन्वयक सुनील तारम, राजेश कुमार मेश्राम निर्णायक मंडल में संजय बंजारे व्याख्याता, देवन्तीन पारकर व्याख्याता, श्र अनीता सिंह व्याख्याता, ओमन मारकंडे व्याख्याता, गजेंद्र रावटे शिक्षक एवं उपस्थित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जिला स्तर के लिए चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।विकासखंड नोडल अधिकारी अमरदीप गुप्ता, व्याख्याता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, क्रिटिकल थिंकिंग और रचनात्मकता विकसित करने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, छत्तीसगढ़, शंकर नगर रायपुर द्वारा इस आयोजन का विकासखंड स्तर पर आयोजन किया गया।Spread the lovePost navigationबिटुमिन की कीमतों में वृद्धि पर राहत देने के निर्णय का ठेकेदार संघ ने किया स्वागत, मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंटकर जताया आभार । मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म संजय बैंस की पहल बने मिसाल – फारूक शेख को मिली नई रोशनी ।