दल्ली राजहरा सोमवार 24 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541 शहर के शिकारी बाबा वार्ड क्रमांक 5 में रविवार 23 अगस्त 2026 को भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। वार्ड पार्षद पूसई साहू (पूजा) एवं वार्ड वासियों के द्वारा सामूहिक कावड़ यात्रा निकाली गई।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260823-WA0069.mp4इस कावड़ यात्रा में वार्ड नंबर 5 के लगभग 75 से 80 महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे सम्मिलित हुए। सभी ने अपने-अपने घरों से बेहतरीन ढंग से सजी हुई कावड़ लेकर पार्षद के घर के पास पहुंचे, जहां से कावड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ।यह कावड़ यात्रा वार्ड क्रमांक 5 शिकारी बाबा वार्ड से प्रारंभ होकर फुटबॉल ग्राउंड चौक से नगर पालिका परिषद होते हुए माइन्स ऑफिस चौक से पैदल चलकर झरन माता मंदिर पहुंची। जहां भक्त डीजे की धुन पर बम भोले के जयकारे के साथ नाचते-गाते हर हर महादेव, जय शिकारी बाबा, जय राजहरा बाबा के नारे लगाते हुए महादेव का जयकार करते हुए झरन माता मंदिर परिसर के झरन कुंड पहुंचे और झरन कुंड से जल लेकर अपने-अपने घर के पास स्थित शिवलिंग का जलाभिषेक कर मनोकामना पूर्ति हेतु वरदान मांगे।सावन की कावड़ यात्रा और उसका पौराणिक इतिहास कावड़ यात्रा का इतिहास पौराणिक कथाओं और मान्यताओं से जुड़ा है, यह मुख्य रूप से भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। कहा जाता है कि जब देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन हुआ तो उसमें निकले रत्नों में से एक हलाहल (विष) भी निकला था। जिसको देखकर सभी देवता और दानव घबरा गए और सभी ने भगवान शिव की ओर देखने लगे। भगवान शिव ने उस हलाहल विष को पी लिया और उसे अपने गले में रोक लिया। जिसके प्रभाव के कारण उनके गले में भयंकर जलन होने लगी। तब देवताओं और दानवों सभी ने शिव जी के गले की जलन को शांत करने के लिए जल डालने लगे, तभी से भगवान शिव के जलाभिषेक की परंपरा शुरू हुई।पौराणिक कथाओं के अनुसार कहीं पर लंका पति रावण तो कहीं भगवान परशुराम को सबसे पहला कावड़ यात्री माना जाता है। वे गढ़ मुक्तेश्वर से गंगाजल लाकर बागपत स्थित भगवान शिव के मंदिर में अभिषेक करने पहुंचे थे। वहीं कुछ मान्यताओं के अनुसार लंका पति रावण को प्रथम कावड़ यात्री माना जाता है। कहा जाता है कि रावण शिव का परम भक्त था, समुद्र मंथन के बाद जब भगवान शिव ने हलाहल पिया था तब उनके गले में जलन हुई थी, उसे शांत करने के लिए वह गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था।Spread the lovePost navigationडौण्डी: महिला समूहों को दोना-पत्तल मशीन के नाम पर 3.89 लाख की ठगी, आरोपी खेमेन्द्र सेन गिरफ्तार । तोरण लाल साहू ने किया 50 साल का इंतजार खत्म: राजहरा के 270 एकड़ पर बसे 5757 परिवारों को मिलेगा पट्टा ।