दल्ली राजहरा
बुधवार 10 जून 2026
भोजराम साहू 9893 765541
शहीद अस्पताल दल्ली राजहरा के द्वारा 2-3 जून 1977 शहीद अस्पताल के 43 वें शहीद दिवस के अवसर पर शहीद सप्ताह का आयोजन 26 मई से 2 जून 2026 तक किया गया। इस आयोजन के अंतर्गत शहीद अस्पताल से जुड़े हुए सभी डॉक्टरो एवं कर्मचारियों को जमीन, जननी, जंगल, जल और जनता नाम से 45 – 45 सदस्यों की 5 टीमों में बांटा गया था। 

शहीद अस्पताल प्रबंधक के द्वारा इस आयोजन में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया था कि अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजन को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े । पूर्व की भाती अस्पताल के सभी डॉक्टर एवं कर्मचारी ने मरीजो को महत्व तो दिए साथ ही खेल और आयोजन में भी अपने भागीदारी निभाई । जिससे मरीज एवं परिजन भी अपने आप को इस आयोजन से जोड़ने से नहीं हिचकिचाय इस आयोजन में सभी ने अपना सहभागिता निभाई ।

शहीद सप्ताह के अंतर्गत मंगलवार 26 मई को सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक “समानता स्वच्छता अभियान” के तहत एक पहल स्वच्छ और स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छता से समानता का आयोजन किया गया। जहां सफाई के लिए पांचों टीम को विभिन्न स्थान दिया गया था जिसमें ओपीडी ग्राउंड, ब्लड बैंक से मुख्य गेट तक, ओपीडी ग्राउंड से आईपीडी तक, चाइल्ड वार्ड से नीचे चैनल गेट, रैम, गार्डन एवं अस्पताल परिसर की सफाई की जिम्मेदारी दी गई थी। स्वच्छता अभियान के अवसर पर सभी टीमों द्वारा स्वच्छता, जिम्मेदारी और मानवता के प्रति कर्तव्यों का शपथ लिया गया।

संघर्ष और निर्माण के 43 साल के अंतर्गत 27, 30 एवं 31 मई को तीन दिनों तक खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इसमें क्रिकेट, थ्रो बॉल, और डॉज बॉल की खेल रखी गई थी। 28 मई को निर्माण चित्रकला प्रतियोगिता रखी गई थी इस प्रतियोगिता को दो भागों में बांटा गया था। एक भाग में पांचो टीम और दूसरे भाग में स्टॉफ के छोटे-छोटे बच्चों को रखा गया था। 29 मई को रस्सा कशी, कंचा चम्मच दौड़, गुब्बारा हमला, वाटर ब्रिगेड, इसकी टोपी उसके सर, जलेबी दौड़, स्ट्रा कप रिले रेस की प्रतियोगिता रखी गई थी।

1 जून 2026 को चेतना शहीद गाट टैलेंट का आयोजन शहीद अस्पताल परिवार एवं मरीजो के लिए रखा गया था। जहां सभी टीम के सदस्यों ने अपने प्रतिभाओं को मंच पर दिखाया। किसी ने गीत गाया, किसी ने डांस किया, किसी ने कविता तो किसी ने अपने द्वारा रचित आलेख का भी इस मंच पर मंचन किया। सप्ताह के अंतिम दिन जिज्ञासा खजाने की खोज रखी गई थी यह अनोखी प्रतियोगिता थी जहां विभिन्न तरह के वस्तुओं को कई जगह छुपाया गया था जिसको ढूंढना सभी पांचों टीम के लिए बहुत ही टेढ़ी खीर थी। यह प्रतीक्षा सुबह 9:00 बजे से शाम को 4:00 बजे तक संपन्न हुआ।

शहीद अस्पताल की स्थापना दिवस के अवसर पर 3 जून को अस्पताल परिसर में स्किल लैब “कौशल प्रयोगशाला” का शुभारंभ किया गया। साथ ही अरविंद रामटेके जिन्होंने 17 बार रक्तदान कर अस्पताल के मरीजों की सहायता की, उन्हें सम्मानित किया गया। इसके पश्चात अस्पताल में चल रहे खेल प्रतियोगिता का भी पुरस्कार वितरण किया गया।

शहीद सप्ताह कार्यक्रम के समापन पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जाना ने सभी डॉक्टर एवं कर्मचारियों को इस बेहतरीन आयोजन के लिए धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि हार और जीत तो लगी रहती है लेकिन जिस तरह से सभी ने एक टीम भावना की तरह खेला उसका मैं बहुत प्रशंसा करता हूं। यह आयोजन वाकई सबके लिए यादगार रहा। इस तरह के आयोजन से टीम भावना मजबूत होती है तथा कार्य करने में एक बेहतरीन ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि शहीद दिवस के अवसर पर शहीद अस्पताल की ओर से यह घोषणा की जाती है कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी महिलाओं एवं पुरुषों के लिए ओपीडी सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क रहेगा ।

शहीद सप्ताह 2026 : विजेताओं की सूची इस प्रकार से है ।
1. निर्माण चित्रकला प्रतियोगिता 
प्रथम: संगीता साहू | द्वितीय: प्रज्ञा | तृतीय: मुकेश
बच्चे वर्ग में – प्रथम: देविका रावटे | द्वितीय: सम्यक बलवीर | तृतीय: इशिका साहू

 चेतना शहीद गॉट टैलेंट 
प्रथम: पूनम | द्वितीय: कुमेंद्र | तृतीय: विजय साहू
. एकता बिंदास खेल प्रतियोगिता 
 व्यक्तिगत खेल: 
गुब्बारा हमला – प्रथम: खुशबू, द्वितीय: निर्मल, तृतीय: ओम कुमारी 
कंचा चम्मच दौड़ – प्रथम: टेसा, द्वितीय: संध्या, तृतीय: प्रज्ञा 
जलेबी दौड़ – प्रथम: रेणुका, द्वितीय: वेद, तृतीय: शाहिद 

सामूहिक (युगल) खेल: 
इसकी टोपी उसके सर – प्रथम: प्रीति, सीमा | द्वितीय: हिना, तेजेश्वरी | तृतीय: रितिका, हेमलता 
स्ट्रॉ कप रिले रेस – प्रथम: टेसा, मुकेश | द्वितीय: ईशा, चांदनी | तृतीय: शशी, हेमलता 

 समूह खेल: 
रस्सी खींच – प्रथम: टीम जनता, द्वितीय: टीम जल, तृतीय: टीम जंगल 
वॉटर ब्रिगेड – प्रथम: टीम जनता, द्वितीय: टीम जमीन, तृतीय: टीम जननी 
जिज्ञासा खजाने की खोज 
प्रथम: टीम जंगल | द्वितीय: टीम जनता

5. संघर्ष मैदानी खेल 
क्रिकेट – प्रथम: टीम जनता, द्वितीय: टीम जमीन, तृतीय: टीम जंगल 
थ्रो बॉल – प्रथम: टीम जंगल, द्वितीय: टीम जमीन, तृतीय: टीम जल
डोज़ बॉल – प्रथम: टीम जनता, द्वितीय: टीम जमीन, तृतीय: टीम जननी रही एवं ओवरऑल चैंपियन विजेता समूह में सर्वप्रथम जनता एवं उपविजेता समूह: जंगल रही।

यह भी अवश्य जाने कैसे हुआ शहीद अस्पताल का निर्माण ।
मजदूरों के मसीहा कहे जाने वाले शंकर गुहा नियोगी और मजदूरों के द्वारा एक सपना जो साकार हुआ l 

 खदान मजदूर ने अपनी मेहनत और पसीने से इस अस्पताल का निर्माण किया है l अस्पताल की एक-एक इट मजदूरों के योगदान से बनी है l मजदूरों ने ना केवल इस अस्पताल का निर्माण किया बल्कि पिछले कई वर्षों से इसे सफलतापूर्वक चला भी रहा है l 
 छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ की उपाध्यक्ष कुसुम बाई की डिलीवरी केस में दूसरे अस्पताल में डॉ के लापरवाही के कारण मृत्यु हो गई l घटना से मजदूरों को दुख हुआ और उनकी चिंता भी बढ़ गई क्या हम अपने भाई बहनों को नहीं बचा सकते ? क्या हम उनकी बीमारी का इलाज नहीं कर सकते ? यही सोच और चिंता ने भविष्य में अस्पताल की नींव रखी l पहले एक छोटी सी डिस्पेंसरी छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के पास बंद गैरेज में बनाई गई और उसके बाद अस्पताल बनाने का फैसला किया गया l खदान में काम करने वाले मजदूरों ने नियोगी जी के आह्वान पर अपनी एक माह की माइंस अलाउंस राशि एकत्र कर इस अस्पताल की नीव रखी l अस्पताल का शिलान्यास विमलेदु मुखर्जी के द्वारा हुआ था l शुरूआत में अस्पताल का सारा काम स्वयं श्रमिकों ने चंदा इकट्ठा कर श्रमदान किया और अस्पताल बनाने के लिए दिन रात काम किया l एक ही दिन में 10000 श्रमिकों ने मिलकर अस्पताल की सीमेंट की छत ढाली l 

2 और 3 जून के दरमियान 1977 में हुई गोलीबारी में मारे गए 11 मजदूरों की याद में अस्पताल का नाम शहीद अस्पताल रखा गया l अस्पताल का उद्घाटन विधिवत रूप से 3 जून 1983 को शहीद दिवस पर एक खदान कर्मचारी लहर सिंह और किसान हलाल खोल के द्वारा मजदूर -किसान गठबंधन का प्रतीक अस्पताल की उद्घाटन किया था ।

 

यहां तीन मंजिला इमारतें, आधुनिक उपकरण और बहुत सी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध है l यहां डिस्पेंसरी ऑपरेशन थिएटर और पैथोलॉजी लैब के साथ-साथ ब्लड बैंक की भी सुविधा है l हर दिन लगभग 300 से ऊपर बाह्य रोगी विभाग में आते हैं l उनमें से कई को अस्पताल पहुंचने के लिए 100 से 150 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है l आसपास जिसमें से राजनांदगांव , मानपुर , मोहला, बालोद , कांकेर ,चारामा पखांजूर और अन्य जगहों के मरीज भी यहां इलाज करवाने आते हैं l
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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