दल्ली राजहरा
रविवार 24 मई 2026
भोजराम साहू 9893 765541
          तांदुला को मिली आजादी 

220 मीटर की नदी सिमटकर रह गई थी 80 मीटर में, अब लौटेगा पुराना वैभव
 बालोद की जीवनरेखा कही जाने वाली तांदुला नदी ने आज सुबह खुलकर सांस ली। जिला प्रशासन ने नदी को उसका असली स्वरूप लौटाने के लिए सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सुबह 5:30 बजे राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर सिवनी और देउरतराई पहुंची और नदी की 7.5 एकड़ जमीन पर बने अवैध खेतों की मेड़ों को तोड़ना शुरू कर दिया। 

24 घंटे का अल्टीमेटम, फिर एक्शन 
तहसीलदार ने 14 अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे में कब्जा हटाने का नोटिस दिया था। मियाद खत्म होते ही एसडीएम नूतन कंवर, एसडीओपी बोनिफस एक्का और तहसीलदार आशुतोष शर्मा की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू हो गई। नदी के समानांतर पूरे इलाके का समतलीकरण किया जा रहा है। इसके बाद यहां जलभराव कर तांदुला को उसका पुराना वैभव लौटाया जाएगा।

क्यों जरूरी था ये कदम ?  
ड्रोन सर्वे और राजस्व जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया था। कभी 220 मीटर चौड़ी बहने वाली तांदुला, कब्जों की वजह से कई जगहों पर सिकुड़कर सिर्फ 80-90 मीटर की रह गई थी। जांच में यह भी खुला कि ज्यादातर कब्जाधारी संपन्न लोग हैं। किसी की किराना दुकान है, तो कोई सैलून चलाता है। कई लोगों ने तो नदी की जमीन पर कब्जा कर उसे दूसरों को रेगहा पर दे रखा था। 

पहले रुक गई थी कार्रवाई, अब नहीं
कुछ महीने पहले भी प्रशासन ने कब्जा हटाने का मन बनाया था, लेकिन खेतों में ग्रीष्मकालीन धान खड़ी होने के कारण मानवीय आधार पर कार्रवाई रोक दी गई थी। अब फसल कट चुकी है, इसलिए प्रशासन ने बिना देरी किए जेसीबी चला दी।

मौके पर मौजूद रहे ये अधिकारी
कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार मुकेश गजेंद्र, थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह, ट्रैफिक टीआई रविशंकर पाण्डेय, गुण्डरदेही थाना प्रभारी नवीन बोरकर, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा, जल संसाधन विभाग के उप अभियंता विशाल राठौर समेत राजस्व, पुलिस और जल संसाधन विभाग की पूरी टीम डटी रही।
जिला प्रशासन का साफ कहना है कि तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और ये कार्रवाई उसी संकल्प की शुरुआत है।

 

 

 

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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