दल्ली राजहरा
शनिवार 23 मई 2026
भोजराम साहू 9893 765541
 भीषण गर्मी में जब इंसान भी पानी की एक-एक बूंद को तरस रहा है, ऐसे में शासकीय आईटीआई दल्ली राजहरा के वेल्डर ट्रेड के प्रशिक्षणार्थियों ने मूक जीवों की प्यास बुझाने के लिए अनूठी पहल की है। व्यवसाय प्रशिक्षण अधिकारी विरेन्द्र कुमार बघेल और टिकेश्वर साहू के मार्गदर्शन में छात्रों ने संस्थान परिसर में ही गड्ढा खोदकर, पॉलिथिन बिछाकर देसी जलकुंडी का निर्माण किया और उसे पानी से लबालब भर दिया।

गौमाता को जल पिलाकर की शुरुआत  
इस मानवीय कार्य की शुरुआत परिसर में विचरण कर रही गौमाता को पानी पिलाकर की गई। देखते ही देखते कई घुमंतू गाय और पक्षी इस जलकुंडी की ओर खिंचे चले आए। छात्रों का यह छोटा सा प्रयास उन बेजुबानों के लिए जीवनदान साबित हो रहा है जो गर्मी में पानी और छांव की तलाश में भटक रहे हैं।
पानी के अभाव में हो रही थी जीवों की मौत  
आज पूरा इलाका भीषण गर्मी की चपेट में है। तालाब-सूखे, नल-हैंडपंप जवाब दे रहे हैं। ऐसे में पानी के अभाव में कई पशु-पक्षी दम तोड़ रहे हैं। आईटीआई के प्रशिक्षणार्थियों ने इसी दर्द को समझा और श्रमदान कर यह जलकुंडी तैयार की। 

प्रशिक्षण के साथ संस्कार भी  
व्यवसाय प्रशिक्षण अधिकारी विरेन्द्र कुमार बघेल ने बताया कि आईटीआई में सिर्फ हुनर ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि जीवों के प्रति दया और संवेदना का भाव भी जगाया जाता है। छात्रों ने खुद मेहनत कर गड्ढा खोदा, पॉलिथिन बिछाई और रोज पानी भरने की जिम्मेदारी ली है। यह प्रयास अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा है।

इस पहल से साफ है कि अगर इरादे नेक हों तो संसाधन कम होने पर भी बड़े काम किए जा सकते हैं। आईटीआई दल्ली राजहरा के इन छात्रों ने साबित कर दिया कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ इंसानियत का पाठ भी उतना ही जरूरी है।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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