दल्ली राजहराशुक्रवार 29 मई 2026भोजराम साहू 9893 765541 लंबे अंतराल के बाद पंडर दल्ली के वार्ड-2 में फिर भालू का खौफ लौट आया। बुधवार रात करीब 3:30 बजे चट्टा दफाई से गणेश चौक क्षेत्र में दो भालू घूमते दिखे। भालू ने मोहल्ले में घुसकर घरों से आम और छींद तोड़कर खाया और पहाड़ी होते हुए जंगल लौट गए।“रात में हुआ इसलिए बड़ा हादसा टला” स्थानीय निवासी सोमेश जायसवाल ने बताया कि घटना रात में होने से जनहानि नहीं हुई। दिन में मोहल्ले में चहल-पहल रहती है, इसलिए दिन में भालू आने पर बड़ी घटना हो सकती थी। अचानक भालू आने से अफरा-तफरी मच गई। सोमेश जायसवाल ने आशंका जताई कि माइंस क्षेत्र से आए दोनों भालू जोड़ा हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि ठंड में भी शिकारी बाबा तालाब से रामनगर चौक होते हुए राजहरा बाबा तालाब की ओर जाते कई लोगों ने भालू देखे हैं। पानी बंद होने से बस्ती की ओर आ रहे भालू भालू के बस्ती में आने की बड़ी वजह पानी का संकट भी है। पहले कोकान माइंस प्रबंधन अनुपयोगी पानी को नाले में छोड़ता था, जो आमा गैरेज से वार्ड-2 होते हुए मुख्य नाले में मिलता था। इससे भालू जैसे जंगली जानवरों को पीने का पानी मिल जाता था। अब प्रबंधन पानी को सीधे पाइप से डेमसाइड भेज रहा है। पानी की कमी के कारण जंगली जानवर वार्ड की तरफ आ रहे हैं।“पूरे रोड पर सिर्फ एक लाइट जल रही”: सौरभ लूनिया भाजपा महामंत्री सौरभ लूनिया ने जिला वन अधिकारी से संपर्क कर भालू को पकड़ने की मांग की। गुरुवार शाम वन विभाग की टीम ने सर्चिंग की। सौरभ लूनिया ने बताया, “कोकान माइंस से लेकर बीएसपी के शिकारी बाबा रोड से 256 चौक तक पूरे क्षेत्र में मात्र एक ही लाइट जल रही है। रोड में बिजली के खंभे तो लगे हैं लेकिन बल्ब नहीं जल रहे। अंधेरा होने से जंगली जानवर शहर में आ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि बीएसपी प्रबंधन और छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल से चर्चा कर सभी खंभों में लाइट लगाने को कहा जाएगा।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/05/VID-20260528-WA0077.mp4वन विभाग की चेतावनी: “फोटो-वीडियो न बनाएं, 1926 पर कॉल करें” वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने बताया कि भालू की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने अपील की, “भालू दिखने पर उसे न छेड़ें, फोटो-वीडियो न बनाएं। दूरी बनाकर रखें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें। भालू शांत स्वभाव का है, लेकिन विचलित होने पर हिंसक हो सकता है। उसके तेज नाखून से जान का खतरा है।”गर्मी और जलसंकट बना मुख्य कारण पूनम सोमेश जायसवाल वार्ड पार्षद के अनुसार गर्मी और वन क्षेत्रों में जलस्रोत सूखने से जंगली जानवर भोजन-पानी की तलाश में बस्तियों तक आ रहे हैं। नगरवासियों ने प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।क्या करें, क्या न करें करें: भालू दिखने पर शांत रहें, घर के अंदर जाएं, हेल्पलाइन 1926 पर कॉल करें। न करें: भीड़ न लगाएं, शोर न मचाएं, भालू को छेड़ें नहीं, सेल्फी-वीडियो न बनाएं।Spread the lovePost navigation50 साल पुराने राम जानकी मंदिर का होगा कायाकल्प, RSS की पहल पर जुड़ा पूरा गांव । जगदलपुर की नई आवासीय खेल अकादमी में जगह बनाने उतरे चिखली के 10 फुटबॉलर ।